महाराष्ट्र रेड जोन से 4 लोग बिना पास पहुंचे केदार धाम के गौरीकुंड। नाराज मुख्य पुजारी ने लिखा सीएम को पत्र

जगदंबा कोठारी
ऐसे दौर में जब केदारनाथ की यात्रा बंद है और चार धाम यात्रा के लिए कोई भी गाइडलाइन जारी नहीं हुई है ऐसे में कल 5 जून को चार लोग महाराष्ट्र से केदारनाथ धाम के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड तक भी पहुंच गए।
 इनकी रास्ते में कहीं भी चेकिंग नहीं हुई और ना ही इनसे कुछ पूछताछ की गई। कोरोना महामारी के खौफ से ग्रसित पहाड़ के लोगों में इसको लेकर आक्रोश है।
 व्यापार मंडल अध्यक्ष और मुख्य पुजारी कुलानंद गोस्वामी ने बताया कि इन लोगों सेना तो कहीं पूछताछ हुई और ना ही इनका कहीं स्वास्थ्य परीक्षण हुआ।
जबकि उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार राज्य से बाहर के आने वाले लोगों को पहले 14 दिन क्वॉरेंटाइन रहना पड़ेगा तथा वे लोग बिना पास के राज्य में नहीं आ सकते हैं।
 ऐसे में ऐसे बेरोकटोक आवागमन से कोरोना महामारी का खतरा काफी बढ़ जाएगा। मुख्य पुजारी कुलानंद गोस्वामी के अनुसार इनके पास कोई पास भी नहीं था।
श्री गोस्वामी ने मुख्यमंत्री तथा पुलिस प्रशासन से इस मामले को लेकर आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया है और एक पत्र भी लिखा है।
चारधाम पर अभी गाइड लाइफ नही।
  जहां एक ओर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ऐम्स ऋषिकेश में कोरोना संक्रमण के कारण अपने परिवार और स्टाफ समेत भर्ती है वहीं वहीं 8 जून से सरकार केदारनाथ यात्रा की समेत चार धाम यात्रा की शुरुआत कर रही है। सरकार के इस फैसले की चौतरफा निंदा हो रही है।
अब इसी मामले को लेकर हलचल बढ़ चुकी है। रुद्रप्रयाग की नवनियुक्त जिला अधिकारी वंदना ने बताया है कि सरकार 8 जून को केदारनाथधाम की यात्रा के संचालन हेतु सरकार द्वारा कोई गाईडलाइन जारी नही की गई है।इस आशय की जानकारी देते हुय जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा यात्रा को लेकर लिए जाने वाले निर्णय से सभी को अवगत करा दिया जाएगा।
सरकार द्वारा जारी निर्णय के अनुरूप ही जिला प्रशासन द्वारा कदम उठाया जाएगा। जिलाधिकारी ने समस्त तीर्थयात्रियों को सूचित किया है कि शासन  द्वारा निर्गत चारधाम यात्रा आदेशों के अनुरूप ही अनुपालन करें।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान मे यदि कोई भी व्यक्ति धाम की यात्रा करते हुय पाया जाता है तो सम्बन्धित के विरूद्ध धारा188 व आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब जब सरकार के द्वारा गाइडलाइन जारी नहीं की गई है जिसमें जिला अधिकारी तक को सूचित नहीं किया गया है ऐसे में तीर्थ यात्री किसके भरोसे आए। कोरेना संक्रमण को देखते हुए सरकार द्वारा चार धाम की यात्रा शुरू करने का क्या मंशा है। जिसका कि चारों धामों के स्थानीय लोग भी विरोध कर रहे हैं। अब आने वाले श्रद्धालुओं पर मुकदमा ठोका जाएगा! तो क्यों?
मामले को लेकर चार धाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष शिवप्रसाद मंमगाई ने बताया कि इस बारे में प्रशासन और सरकार से बात की जा रही है जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

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