हाईकोर्ट ने भ्रामक शपथपत्र पेश करने को लेकर सरकार को लगाई फटकार

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- 

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने आज प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओ और चारधाम यात्रा शुरू करने के खिलाफ दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। आज सुनवाई के दौरान मुख्य सचिव ओम प्रकाश, वित्त सचिव अमित नेगी और पर्यटन सचिव डॉक्टर आशीष चौहान, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए।

सरकार की तरफ से 700 पेज का शपथपत्र पेश किया गया। न्यायालय ने शपथपत्र को भ्रामक और न्यायालय को गुमराह करने वाला बताया। न्यायालय ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि प्रदेश में कोरोना से हुई मौतों का कारण सरकार की आधी अधूरी तैयारियों के कारण से हुई। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि सरकार ने कोविड के नियमो का पालन नही किया है।

चारधाम यात्रा शुरू करने के सम्बंध में न्यायालय ने मुख्य सचिव से पूछा है कि, आगामी 28 जून को यह बताएं कि या तो चारधाम यात्रा स्थगित करें या यात्रा की तिथि आगे बढ़ाए, इसको केबिनेट के सम्मुख रखकर निर्णय लें और 28 जून को न्यायालय को बताएं।

मुख्य न्यायाधीश ने सुनवाई के दौरान कहा कि, हाल ही में गंगा दशहरा के दिन हजारो लोगो ने हरकी पैड़ी में स्नान किया । सरकार उस भीड़ में नदारत दिखी। कोई समाजिक दूरी नही, कोई कोई मास्क नही और न ही सनेटाइएज कि व्यवस्थाय दिखी। ये सब सरकार की आधी अधूरी व्यवस्थाओ का कारण है। कोर्ट ने सरकार से निम्नवत बिंदुओं पर जवाब पेश करने को कहा है:-

स्वास्थ्य सचिव अपने अगले शपथ पत्र में ये बताएं कि-

  1. प्रदेश में कुल कितने गाँव सड़क से नहीं जुड़े हैं ?
  2. इन गांवों का निकटस्थ रोड हेड कितनी दूर है ?
  3. स्वास्थ्य विभाग के पास कुल कितनी एंबुलेंस हैं ?
  4. 108 सेवा के पास कितनी एंबुलेंस है। यह सभी एंबुलेंस कहां-कहां तैनात की गई हैं ? कितनी एंबुलेंस संचालन में हैं और कितनी बेकार पड़ी हैं ?
  5. तीसरी लहर के लिए बाल रोग विशेषज्ञों की जो हाई पावर कमेटी बनाई गई थी और उसने अपनी रिपोर्ट में जो संस्तुतियां दी हैं उनके अनुपालन का क्या स्टेटस है ?
  6. प्रदेश में बच्चों के लिए कुल कितने वार्ड कितने अस्पताल हैं और उनमें कितने पीडियाट्रिक बेड हैं ?
  7. प्रदेश में कौन से ऐसे सरकारी अस्पताल हैं जिनमें अब तक बच्चों के वार्ड नहीं हैं ?
  8. प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में कुल कितने एन.आई.सी.यू.है ?
  9. ग्राम स्तर पर स्थित पीएचसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पूरे प्रदेश में कितने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सिलेंडर आदि की सुविधा है और किनमें नहीं है ?

रामनगर में पूर्व में कोर्ट के आदेशों से एक छोटा निजी अस्पताल कोविड-19 अस्पताल बनाया गया था परंतु तीसरी लहर के लिए रामनगर में कोविड-19 के अस्पताल की क्या तैयारियां की गई हैं और सरकार रामनगर में तीसरी लहर के लिए कोविड-19 के अलग बड़े अस्पताल की स्थापना के लिए कितनी तैयार है।

पौड़ी में स्थित लवाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मैं सुविधाओं की बहाली और पानी का कनेक्शन लगाया जाए।

तीसरी लहर के लिए यदि डॉक्टरों की कमी पड़ती है तो सुरक्षा बल सेना आदि के चिकित्सकों की सेवा लेने पर भी सरकार अभी से तैयारी करें। यह सभी बातें स्वास्थ्य सचिव अपने शपथ पत्र में बताएंगे।

28 तारीख को मुख्य सचिव और अपर सचिव पर्यटन आशीष चौहान कोर्ट में उपस्थित होकर बताएंगे कि चार धाम यात्रा के संबंध में राज्य कैबिनेट ने क्या निर्णय भविष्य के लिए लिया है।

7 तारीख को इस मामले की पुनः सुनवाई होगी जिस दिन मुख्य सचिव के साथ स्वास्थ्य सचिव भी उपस्थित रहेंगे और उन्हें 7 जुलाई तक अपना शपथ पत्र विस्तृत विवरण के साथ दायर करना होगा। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश आरएस चौहान व न्यायमुर्ति आलोक कुमार वर्मा की खण्डपीठ में हुई।मामले के अनुसार अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली, सच्चिदानंद डबराल, सहित कई लोगो ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओ , कोविड से लड़ने  वेक्सिनेशन लगाने हेतु विभिन्न जनहित याचिकाएं दायर की गई है।

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