हाईकोर्ट ने पाइंस शमशानघाट में सड़क सुविधा संबंधी पी.आई.एल.में सरकार से जवाब और वन विभाग को पार्टी बनाने को कहा।

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल के पाइंस श्मशान घाट में मुख्य मोटर मार्ग से घाट तक का सर्वे होने के बाद भी मोटर रोड़ का निर्माण नहीं कराने के खिलाफ दायर जनहित याचिका में राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। न्यायालय ने याचिकर्ता से वन विभाग को भी पक्षकार बनाने को कहा है।
मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ती विवेक भारती शर्मा की खंण्डपीठ ने अगली सुनवाई 19 दिसम्बर के लिए तय की है। आज राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि रोड का सर्वे हो गया है और रोड के निर्माण के लिए 3 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए गए हैं।
मामले के अनुसार नैनीताल निवासी मनोज साह जगाती ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि नैनीताल के पाइंस श्मशानघाट में सर्वे होने के बाद भी घाट को मोटर मार्ग से नहीं जोड़ा गया, जबकि मोटर मार्ग का सर्वे जिलाधिकारी और कमिश्नर की संस्तुति पर पूर्व में ही हो चुका है। घाट तक मोटर मार्ग नही होने के कारण लोगों को कई तरह की असुविधाएं हो रही है। घाट में मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं जैसे पानी, बैठने की जगह व लकड़ियां आदि। इस वजह से घाट जाने वाले लोगों को असुविधा होती है। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि घाट को मुख्य मोटर मार्ग से जोड़ा जाए और वहाँ पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

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