Haridwar News: उत्तराखंड में कर चोरी और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के कथित दुरुपयोग के मामलों में राज्य कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विशेष अनुसंधान शाखा (SIB), हरिद्वार ने फार्मास्युटिकल क्षेत्र की सात इकाइयों की जांच के बाद कुल 3,07,86,349 रुपये यानी करीब 3.08 करोड़ रुपये राजकोष में जमा कराए हैं। विभाग ने जीएसटी पोर्टल, ई-वे बिल और अन्य डिजिटल माध्यमों से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर इन इकाइयों के कर संबंधी दावों की पड़ताल की।
राज्य कर विभाग के अनुसार, जांच में मोटर वाहनों की खरीद, सिविल निर्माण कार्यों, मेडिकल टैबलेट के निशुल्क नमूनों और अन्य मदों से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट के दावों की समीक्षा की गई। कार्रवाई का उद्देश्य कर नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना और राजस्व की सुरक्षा करना है।
जीएसटी पोर्टल और ई-वे बिल से संदिग्ध गतिविधियों की जांच
आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन के निर्देश पर शुरू किए गए अभियान में विभाग ने उपलब्ध डिजिटल आंकड़ों के आधार पर कर संबंधी दावों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान जीएसटी पोर्टल, ई-वे बिल (EWB) और बायोफेशियल आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी (BIFA) पोर्टल से मिले संकेतों को ध्यान में रखा गया।
विभाग ने यह जांच की कि संबंधित इकाइयों ने जिन वस्तुओं और सेवाओं पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया, क्या वे दावे लागू वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप थे। जांच के बाद संबंधित मामलों में कार्रवाई करते हुए 3.08 करोड़ रुपये की धनराशि राजकोष में जमा कराई गई।
मोटर वाहन, सिविल निर्माण और मेडिकल सैंपल पर ITC की पड़ताल
जांच के दौरान कई तरह के खर्चों और लेनदेन से जुड़े इनपुट टैक्स क्रेडिट दावों की समीक्षा की गई। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- मोटर वाहनों की खरीद से जुड़े दावे
- सिविल निर्माण कार्यों पर लिया गया इनपुट टैक्स क्रेडिट
- मेडिकल टैबलेट के निशुल्क नमूनों से संबंधित दावे
- अन्य संबंधित मदों पर ITC का लाभ और कर देयता में उसका समायोजन
विभाग ने इन मदों पर लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर जांच की कि संबंधित दावों का लाभ नियमानुसार लिया गया था या नहीं।
वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में चला जांच अभियान
इस अभियान का संचालन अपर आयुक्त, गढ़वाल जोन डॉ. एसएस नयाल के मार्गदर्शन और संयुक्त आयुक्त, एसआईबी हरिद्वार राजेंद्र लाल वर्मा के नेतृत्व में किया गया।
कार्रवाई में उपायुक्त कर धर्मवीर सैनी और राजीव तिवारी सहित राज्य कर अधिकारियों तथा एसआईबी की टीमों ने भाग लिया। इनमें हरिकृष्ण खुशाल, अर्शित गोदियाल, नितिन कुमार, नितिन शंकर, प्रभात राणा, प्रशांत कुमार ठाकुर, आदेश चौधरी और दिनेश कुमार वर्मा समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।
फर्जी इनवॉइसिंग और अपात्र ITC पर विभाग की नजर
आयुक्त राज्य कर प्रतीक जैन ने अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट, फर्जी इनवॉइसिंग और संदिग्ध आपूर्ति के माध्यम से कर देयता के अनुचित समायोजन से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
विभाग के अनुसार, ऐसे अभियानों का उद्देश्य कर अनुपालन बढ़ाना, सरकारी राजस्व की सुरक्षा करना और कर अपवंचन पर प्रभावी अंकुश लगाना है। फार्मास्युटिकल क्षेत्र की सात इकाइयों की जांच के बाद 3.08 करोड़ रुपये जमा कराया जाना राज्य कर विभाग की इसी कार्रवाई का हिस्सा है।






