बिग ब्रेकिंग: कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले 

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 19 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने से लेकर होमस्टे नियमों में बदलाव, मेडिकल कॉलेजों के पुनर्गठन और ऊर्जा विभाग में नई नियुक्तियों तक कई बड़े फैसले लिए गए। उत्तराखंड में लागू […]

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 19 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी।

बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने से लेकर होमस्टे नियमों में बदलाव, मेडिकल कॉलेजों के पुनर्गठन और ऊर्जा विभाग में नई नियुक्तियों तक कई बड़े फैसले लिए गए।

उत्तराखंड में लागू होगी स्वैच्छिक चकबंदी

कैबिनेट ने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। हर जिले में शुरुआती चरण में 10 गांवों का लक्ष्य तय किया गया है। चकबंदी के लिए 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य होगी।

सरकार ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी और आपत्तियों का निस्तारण भी किया जाएगा।

होमस्टे नियमों में बड़ा बदलाव

यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में संशोधन करते हुए सरकार ने होमस्टे संचालन की सीमा बढ़ा दी है। अब होमस्टे में 6 की जगह 8 कमरे तक संचालित किए जा सकेंगे। साथ ही संचालक का उसी परिसर में रहना अनिवार्य होगा। होमस्टे का नवीनीकरण अब स्वतः हो जाएगा।

मेडिकल और स्वास्थ्य विभाग में बड़े फैसले

  • चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा। पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है।
  • राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में वर्ष 2009 से कार्यरत 277 कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन मिलेगा।
  • लैब टेक्नीशियन संवर्ग के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई। 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर पद सृजित होंगे।
  • फॉरेंसिक साइंस विभाग में 15 नए पदों को मंजूरी दी गई।

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और अल्पसंख्यक शिक्षा को मंजूरी

महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के लिए 16 पदों को मंजूरी दी गई। वहीं उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत नई शैक्षिक नियमावली को भी कैबिनेट ने हरी झंडी दी।

इसमें मान्यता आवेदन प्रक्रिया, नवीनीकरण और मान्यता समाप्त करने के नियम तय किए गए हैं।

लघु जल विद्युत परियोजना नीति में बदलाव

कैबिनेट ने लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन को भी मंजूरी दी। अब डेवलपर की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी शून्य होगी। पहले जहां डीपीआर बनाई जाती थी, अब उसकी जगह प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

पंचायतों को निर्माण कार्य के लिए ज्यादा धन

सरकार ने पंचायतों को मिलने वाली निर्माण धनराशि भी बढ़ा दी है। अब प्रति पंचायत 10 लाख रुपये के बजाय 20 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

  • राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन
  • टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और विंडोज ज्ञान अनिवार्य
  • सगंध पौध केंद्र का नाम बदलकर परफ्यूमरी अनुसंधान संस्थान किया गया
  • विधानसभा सत्र के सत्रावसान को मंजूरी
  • उत्तराखंड राज्य चकबंदी कर्मियों की सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी
  • UPCL, UJVNL और पिटकुल में निदेशक चयन नियमावली में संशोधन

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