एक्सक्लूसिव खुलासा

जलविद्युत कंपनी मे मजदूरों का बुरी तरह शोषण। भाजपा नेता ने की पुलिस मे शिकायत

नीरज उत्तराखंडी , पुरोला उत्तरकाशी ।श्रमिकों के शोषण का आरोप
मोरी- नेटवाड 60 मेगावाट जल विद्युत परियोजना में श्रमिकों के शोषण किये जाने का आरोप लगाते हुए स्थानीय भाजपा नेता दुर्गेश लाल ने श्रमिकों के शोषण के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है।
श्रमिकों के शोषण के खिलाफ मोरी थाना इंचार्ज को दिये पत्र में भाजपा नेता ने उल्लेख किया है कि एसजेवीएन के द्वारा मार्च 2018 से जेपी कंपनी को कॉन्ट्रेक्टर बनाया गया है। लेकिन जय प्रकाश कंपनी के अधिकारियों द्वारा प्रोजेक्ट में कार्यरत श्रमिकों के साथ अनियमितता की जा रही है।कंपनी के द्वारा श्रमिकों को पहचान पत्र नहीं दिये गई है। यदि कभी कोई दुर्घटना घट जाय तो श्रमिक की कोई गारंटी नहीं कि वह प्रोजेक्ट में भी काम करता होगा।
भाजपा नेता दुर्गेश ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी श्रमिको से आधे रेट में कार्य कर रही है। कंपनी ने जो ड्राइवर रखे हैं वे ट्रेंड होने के वावजूद उन्हें अनस्किल्ड रेट में मेहनताना दिया जा रहा है। जबकि वे प्रशिक्षित के तहत आते है। उन्होंने श्रमिकों के शोषण किये जाने के खिलाफ कंपनी पर कार्यवाही की मांग की है ।

कम्पनी द्वारा की जा रही है सुरक्षा मानकों की अनदेखी

मोरी ब्लाक में 60 मेगावाट की निर्माणाधीन मोरी
नैटवाड जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य कर रही जे पी कम्पनी पर्यावरण, स्वास्थ्य, सुरक्षा और श्रम कानूनों की अनदेखी कर परियोजना निर्माण तथा मजदूरों का शोषण कर रही है । जिन अधिकारियों पर कायदे-कानून के अनुपालन की जिम्मेदारी है वे स्थलीय निरीक्षण कर हकीकत जानने के बाद भी खामोशी का आवरण ओढ़े हुए है ।
वहीं निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किये गये है।सुरंग के बाहर लगे साइन बोर्ड भले की सुरक्षा की पूरी व्यवस्था की बात कह रहे हो लेकिन हालत उसके ठीक विपरीत है।मजदूरों के पास मास्क, जूते तक नहीं दिये गये है।बिना हेलमेट के मजबूर मजदूर चप्पलों में काम कर है।

श्रमिकों ने लगाया शोषण का आरोप
कम्पनी द्वारा नहीं जारी किये गये पहचान पत्र

निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के कम्पनी ने 2 वर्ष से न तो परिचय पत्र जारी किये है और न ही उनको नियुक्ति पत्र जारी किये गये है।उनको न तो वेतन की स्लिप ही दी जाती है।श्रम कानूनों के विपरीत उनसे 8घंटे की बजाय 12 घंटे काम करवाया जाता है।
मजे की बात यह कि कुशल, अकुशल तथा अर्द्ध कुशल श्रमिकों को एक ही डंडे से हांका जा रहा है।ड्राइवर तथा आईटीआई के विभिन्न ट्रेडो में प्रशिक्षित युवाओं को कुशल श्रमिक होने के बावजूद अर्द्ध कुशल श्रमिकों की श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने 333रूपये पगार दी जाती है।जबकि काम 12घंटे करवाया जा रहा है।
श्रम कानूनों की खुल्लेआम अनदेखी की जा रही है लेकिन श्रम पर्यावरण सुरक्षा स्वास्थ्य और गुणवत्ता के मानकों का निरीक्षण तथा कडाई से अनुपालन कराने वाले जिम्मेदार महकमे के जिम्मेदार अधिकारियों का समय समय पर निरीक्षण के बाद खामियों को देखने तथा पर्यावरण के मानकों का हवाला और नसीहत देने के बाद कार्रवाई पर खामोशी साध लेना कम्पनी के साथ खिचडी पकाने का संदेश पैदा करता है।

बताते चलें कि जे पी कम्पनी ने 5 दिसम्बर 2017 .को परियोजना निर्माण सतलुज जल विद्युत निगम से सुरंग तथा बैराज निर्माण कार्य लिया धा। लेकिन 2वर्ष तक श्रमिकों के परिचय पत्र तथा नियुक्त पत्र जारी नही किये गये है। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना हो जाती। है तो इसकी कोई गारंटी नहीं है कि मृतक श्रमिक को बीमा पॉलिसी का लाभ मिल सके ।
कम्पनी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार कम्पनी में वर्तमान समय में 390 श्रमिक कार्यरत हैं । जिनमें 74 स्थानीय तथा 316 बाहरी श्रमिक विभिन्न पदों पर काम कर रहे पंजीकृत दिखाए गये है। जबकि मजदूरों की संख्या काफी अधिक है ।लेकिन कम्पनी ने दो साल से परिचित पत्र तक जारी नहीं किये है।

मजदूरों ने खोला मोर्चा

निर्माणाधीन 60मेगावाट की नैटवाड़ मोरी जल विधुत परियोजना में कार्यरत मजदूरों ने कार्य करते समय जेपी कंस्ट्रक्शन कम्पनी द्वारा सुरक्षा के व्यापाक बंदोबस्त न करने पर कम्पनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मजदूरों ने कहा है कि कम्पनी द्वारा अभी तक उनके आई कार्ड तक नही बनाए गए है और न उनका इंश्योरेंस किया गया है। उनको मास्क व हैलमेंट भी घटिया स्तर के उपलब्ध कराए जा रहे है। उन्होंने सुरक्षा के व्यापाक बंदोबस्त न करने पर कम्पनी के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।

मोरी के बैनोल गाँव के पास सतलुज जल विधुत निगम द्वारा 60मेगावाट की नैटवाड़ मोरी जल विधुत परियोजना का निर्माण किया जा रहा है। निगम ने जेपी कंस्ट्रक्शन कम्पनी को कार्यदायी संस्था नियुक्त किया है। जल विधुत परियोजना की टर्नल, पावर हाउस, बैराज आदि निर्माण कार्यों में करीब 700मजदूर यहाँ प्रतिदिन कार्य कर रहे है। जेपी कंस्ट्रक्शन कम्पनी ने कुछ निर्माण कार्य यहाँ पेटी में दे रखे है जिसमें करीब 30छोटी, छोटी कम्पनी कार्य कर रही है। जेपी कंस्ट्रक्शन कम्पनी में कार्यरत स्थानीय मजदूरों ने कम्पनी पर मजदूरों की सुरक्षा के व्यापाक बंदोबस्त न करने का आरोप लगाया है। यहाँ कार्य कर रहे मोरी ब्लाक के बाबू राम , खुशपाल,अरविंद, मनीष, आनंद आदि ने बताया कि यहाँ कार्यरत मजदूरों को कार्य करने हेतु जूते मास्क,हैलमेंट आदि कुछ भी नही दिए गए है कुछ मजदूरों को अगर मिले भी है तो उनकी गुणवत्ता ठीक नही है। उन्होंने बताया कि यहाँ किसी भी मजदूर का कम्पनी द्वारा अभी तक आई कार्ड भी नही बनाया गया है।
गैस कटर पर कई ज्वाइंट लगे हुए है जबकि गैस कटर बिना ज्वाइंट का होना चाहिए। उन्होंने बताया कि चिकित्सा के नाम पर कोई भी सुविधा नही है। एक बीएएमएस चिकित्सक यहाँ की चिकित्सा व्यवस्था देख रहे है। उन्होंने कहा कि कम्पनी के खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों को बाहर करने की धमकी दी जाती है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश से आए मजदूरों का तो यहाँ भारी शोषण किया जा रहा है।
सीमेंट स्टोर मे कार्य रहे अधिकांश मजदूरों के पास मास्क तक नहीं है। उन्होंने बताया कि यहाँ कुशल, अकुशल मजदूरों का कोई भी दर्जा नही है लेवर,ट्रेडर, ड्रायवर सबको एक समान वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आई कार्ड तो अभी तक बने नही लेकिन कम्पनी द्वारा जारी की गई मजदूरों की क्रमांक सूची में बाकायदा आई कार्ड नम्बर अंकित किए गए है जो कि फर्जी है।
उपरोक्त समस्याओं को लेकर मजदूरों का नेतृत्व कर रहे भाजपा नेता दुर्गेश लाल ने श्रमिकों के शोषण के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है।श्रमिकों के शोषण के खिलाफ मोरी थाना इंचार्ज को दिए पत्र में भाजपा नेता ने उल्लेख किया है कि एसजेवीएन के द्वारा मार्च 2018 से जेपी कंपनी को कॉन्ट्रेक्टर बनाया गया है। लेकिन जय प्रकाश कंपनी के अधिकारियों द्वारा प्रोजेक्ट में कार्यरत श्रमिकों के साथ अनियमितता की जा रही है।कंपनी के द्वारा श्रमिकों को  पहचान पत्र  नहीं  दिये  गई है। यदि  कभी कोई दुर्घटना घटती है श्रमिक की कोई गारंटी नहीं कि वह प्रोजेक्ट में भी काम करता होगा।
भाजपा नेता दुर्गेश ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी श्रमिको से आधे रेट में कार्य कर रही है। कंपनी ने जो ड्राइवर रखे हैं वे ट्रेंड होने के वावजूद उन्हें अनस्किल्ड रेट में मेहनताना दिया जा रहा है। जबकि वे प्रशिक्षित  के तहत आते है। उन्होंने  श्रमिकों के शोषण किये जाने के खिलाफ कंपनी पर कार्यवाही की मांग की है।
कम्पनी के जीएम डाॅ के के सती ने बताया कि सुरक्षा के सारे बंदोबस्त किए गए है लेकिन मजदूर उसका उपयोग नही कर रहे है। उन्होंने बताया कि आई कार्ड की प्रक्रिया चालू है शीघ्र ही कम्पनी द्वारा मजदूरों को आई कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कम्पनी के पास 31कुशल तथा 310अकुशल श्रमिक कार्य कर रहे है।

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