असर : “चालू माल” पर पर्वतजन को फोन कर जनता से मांगी माफी

जगदम्बा कोठारी
विवादित गीत ‘चालू माल’ रिलीज होते ही यू-ट्यूब से गायब हो गया है। गीत के आपत्तिजनक पोस्टर और शीर्षक पर जनता का बढता आक्रोश देख और सोशल मीडिया मे ताबड़तोड़ कमेंट्स से घबराये चैनल संचालकों ने कुछ ही घंटे बाद इस विवादित गीत को चैनल से डिलीट कर दिया। हालांकि तब तक गीत को 1200 व्यूह मिल चुके थे।
कल पर्वतजन की ”गढ़वाली गीत ‘चालू माल’ के पोस्टर पर बवाल” नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित करने के बाद से लोग सोशल मीडिया पर यू-ट्यूब चैनल संचालक और गायक सोबन सिंह को ताबड़तोड़ कमेंट्स करने लगे। उत्तराखंड क्रांतिदल तो इन पर भावनायें भड़काने का आरोप लगाने साथ मुकदमा दर्ज करवाने की तैयारी मे है।

बढते बवाल से घबराये चैनल संचालक ने ‘पर्वत जन’ को फोन कर विवादित पोस्टर पर माफी मांगी है। चैनल के मालिक सतेंद्र रावत ने हमे फोनकर कहा कि हम सभी उत्तराखंडियों से माफी मांगते हैं। उनका उद्देश्य किसी की भी भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। गीत पर बढते विवाद को देख उन्होने चैनल से गीत डिलीट कर दिया है लेकिन पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होने कहा कि हम प्रदेश से माफी मागते हैं और आगे मामले को तूल न दिया जाये और वह सोशल मीडिया पर भी सार्वजनिक तौर पर माफी मांग चुके हैं।
उक्रांद नेता मोहित डोभाल का कहना है कि अगर यह उत्तराखंड से माफी मांग रहे हैं तो इन्हे इस बार माफ कर देना चाहिए लेकिन इसका फैसला जनता करेगी।
बहरहाल चैनल मालिक और गायक ने सोशल मीडिया पर माफी तो मांगी ली लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और दिन भर इन्हे फेसबुक पर विरोध और भद्दे भद्दे कमेट्स मिलते रहे जो कि गलत है लेकिन कहीं न कहीं जनता का गुस्सा जायज भी है। लोकगीत के नाम पर इस प्रकार की अश्लीलता गढ़वाली लोक संगीत मे बढने लगी है। लड़कियों के नाम से गीत बनना आम बात हो गयी है। यदि समय रहते यह गायक संभले नहीं तो लगता नहीं कि आगे भी जनता चुप रहेगी।

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