चंपावत जिले से महिला सुरक्षा से जुड़ा एक अहम न्यायिक फैसला सामने आया है। जिला एवं सत्र न्यायालय ने दुष्कर्म के मामले में नेपाल मूल के एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी जुर्माना अदा करने में असफल रहता है तो उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
यह मामला अगस्त 2024 का है। जिले के एक गांव की महिला ने कोतवाली में दी गई शिकायत में बताया था कि वह जंगल में मवेशी चरा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे अकेला पाकर जबरन दुष्कर्म किया। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा कायम कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान जिला सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत में पीड़िता के बयान, प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और अन्य प्रस्तुत साक्ष्यों का विस्तार से परीक्षण किया गया। सभी तथ्यों और प्रमाणों को पर्याप्त मानते हुए न्यायालय ने आरोपी को अपराध का दोषी माना और कठोर सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने प्रभावी पैरवी की। अदालत के इस निर्णय को महिला सुरक्षा के संदर्भ में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि ऐसे मामलों में कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।



