उत्तराखंड: जल जीवन मिशन परियोजना में ठेकेदारों का विरोध प्रदर्शन, कार्यालय पर लगाया ताला

देहरादून, 12 जनवरी: उत्तराखंड के जल जीवन मिशन कार्यालय में सोमवार को तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली, जहां ठेकेदारों ने परियोजना निदेशक विशाल मिश्रा की उपस्थिति में मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया। ठेकेदारों का दावा है कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत किए गए कार्यों के एवज में विभाग द्वारा देय राशि का भुगतान रोका जा रहा है। राज्य स्तर पर लगभग 500 ठेकेदारों पर विभाग की कुल 1200 करोड़ रुपये की बकाया राशि बनी हुई है।

 

इंदर रोड स्थित जल जीवन मिशन कार्यालय पर देवभूमि जल शक्ति ठेकेदार कल्याण संघ की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया, जिससे आईएएस अधिकारी और परियोजना निदेशक विशाल मिश्रा कई घंटों तक अंदर ही रहने को मजबूर हो गए। ठेकेदारों ने कहा कि उन्होंने सरकार की ‘हर घर जल’ पहल को सफल बनाने के लिए अथक प्रयास किए, लेकिन कार्य पूर्ण होने के बावजूद भुगतान में विलंब हो रहा है। राज्य में करीब 500 ऐसे ठेकेदार हैं जिन्होंने निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कार्य संभाला, और अब विभाग पर 1200 करोड़ रुपये की देयता है।

 

ठेकेदारों ने विभागीय उत्पीड़न और ग्राम प्रधानों द्वारा योजना की सत्यापन प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने निदेशक विशाल मिश्रा को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें इन मुद्दों पर ध्यान देने की मांग की गई।

 

ईटीवी भारत से चर्चा में ठेकेदार संघ के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने बताया कि राज्य के ठेकेदारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस प्रमुख योजना को साकार करने के लिए अपनी पूरी क्षमता लगा दी। हालांकि, दुखद है कि बार-बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद भुगतान नहीं हो रहा। पहले जियो-टैगिंग पूरी होने पर, फिर केएमएल फाइल तैयार होने पर पेमेंट का वादा किया गया, लेकिन अब भी टालमटोल जारी है। विगत दो वर्षों से देय राशि अटकी हुई है, जिससे ठेकेदारों की माली हालत खराब हो गई है और सरकार की नीति पर सवाल उठ रहे हैं।

 

इस मुद्दे पर परियोजना निदेशक विशाल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि योजना में केंद्रीय और राज्य सरकार दोनों की ओर से वित्तीय योगदान होता है। राज्य सरकार ने अपना हिस्सा जारी कर दिया है, लेकिन केंद्र का हिस्सा अभी प्राप्त होना शेष है। इस संबंध में केंद्र सरकार से निरंतर संवाद किया जा रहा है। शासन स्तर पर भी अनुरोध भेजे गए हैं, जो विचाराधीन हैं। कुछ स्थानों पर मानकों से संबंधित शंकाएं उठी थीं, लेकिन जांच के बाद साफ हो गया कि कोई अनियमितता नहीं है। फिर भी, फंड जारी नहीं हो रहा। – विशाल मिश्रा, निदेशक, जल जीवन मिशन

 

मिश्रा ने ठेकेदार संघ को विश्वास दिलाया कि शीघ्र ही लगभग 300 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी, हालांकि कुल बकाया 1200 करोड़ रुपये का है।

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