विपक्ष ने सी.एम.से डी.जी.पी.और विकलांग प्रकरण में स्पष्टीकरण मांगने की मांग की है।

स्टोरी(कमल जगाती, नैनीताल):- ऊत्तराखण्ड में हल्द्वानी के दिव्यांग और डी.जी.पी.प्रकरण में अब सियासत भी कूद पड़ी है। अल्मोड़ा में डी.जी.पी.के दिव्यांग को पीटकर असली दिव्यांग बनाने के बयान पर नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार को घेरा है।
हल्द्वानी में सोमवार को मीडिया के सामने आकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष करन मेहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि डी.जी.पी.से मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा में दिए शर्मनाक बयान पर स्पष्टीकरण मांगना चाहिए। आरोप लगाया कि यू.एस.नगर के एस.एस.पी.भी अपने बयान को लेकर चर्चाओं में रह चुके हैं, जो बेलगाम अधिकारी और सरकार की अकुशलता दर्शाता है।
दरअसल दिव्यांग लोक गायक को डी.जी.पी.से नहीं मिलने देने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि अल्मोड़ा में डी.जी.पी.के उस बयान ने हंगामा खड़ा कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि “अगर दिव्यांग दोबारा गलती करता है तो उसे मैं सच में दिव्यांग बना दूंगा”।
मामले के अनुसार गुरुवार 26 अक्टूबर को हल्द्वानी में डी.जी.पी.के जन संवाद कार्यक्रम के दौरान एक दिव्यांग लोक गायक दीपक सुयाल को उनसे नहीं मिलने दिया गया था। अल्मोड़ा में पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों ने इस सवाल को उठाया तो डी.जी.पी.अभिनव कुमार ने कहा कि हल्द्वानी में वो दिव्यांग पैदल चलकर आया था, जिसका वीडियो उपलब्ध हैं। उसने 40 प्रतिशत दिव्यांग का कार्ड बना रखा है। उसकी शिकायत थी कि यू ट्यूब में मेरा वीडियो डिलीट करवा दिया गया है जिसका आप(डी.जी.पी.)संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज करें। डी.जी.पी.ने कहा कि ये मेरे महत्वपूर्ण समय का दुरुपयोग और बदतमीजी है। आरोप लगाया कि एक झूठा माहौल बनाकर विवाद बनाया गया, जिसका संज्ञान लेने के लिए एस.एस.पी.को कह दिया गया है। डी.जी.पी.ने दावा किया है कि वो दिव्यांग था नहीं, लेकिन स्पष्ट किया कि अगर दोबारा ऐसी हरकत करेगा तो वो उसे दिव्यांग बना देंगे।
डी.जी.पी.के इस शर्मनाक बयान पर नेता प्रतिपक्ष करन मेहरा ने सोमवार को हल्द्वानी में मीडिया के सामने आकर कहा कि जनता दरबार में जनता से मिलना चाहिए और शिकायत को निस्तारित करना चाहिए। करन ने सवाल उठाया कि डी.जी.पी.ने मैडिकल नहीं किया है, जो विकलांग के प्रमाणपत्र को चुनौती दे रहे हैं और असल में विकलांग बना देंगे वाला बयान तो आपत्तिजनक है। कहा कि सी.एम.ने संज्ञान लेकर कार्यकारी डी.जी.पी.से स्पष्टीकरण मांगना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि कथाकथित वायरल वीडियो में आया बयान बेहद शर्मनाक है। उन्होंने दावा किया की कांग्रेस सरकार में ये सब नहीं होता था और अब अधिकारी बेलगाम हैं।

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