सीएम धामी की विधायक अरविंद पांडे से गर्मजोशी भरी मुलाकात से पिघली सियासी रिश्तों पर जमी बर्फ

देहरादून/गदरपुर। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज होते ही भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक एकजुटता पर फोकस बढ़ा दिया है। पार्टी और सरकार को लेकर समय-समय पर नाराजगी जताने वाले गदरपुर विधायक अरविंद पांडे को साधने की कोशिशों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 13 जून शनिवार को उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब 45 मिनट तक बंद कमरे में मुलाकात हुई, जिसे प्रदेश की राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है।

राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को भाजपा के भीतर चल रहे डैमेज कंट्रोल अभियान के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से अपनी ही सरकार और संगठन की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाले अरविंद पांडे के तेवर इस मुलाकात के बाद कुछ नरम नजर आए।

45 मिनट की मुलाकात ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चाएं

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधायक अरविंद पांडे के बीच करीब 45 मिनट तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और किसी भी राजनीतिक सवाल का जवाब नहीं दिया।

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से अरविंद पांडे कई मौकों पर अपनी ही सरकार और संगठन के प्रति नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का खुद उनके आवास पहुंचना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पीएम मोदी के कार्यक्रम से लेकर वायरल पत्र तक रहे चर्चा में

हाल ही में देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान भी अरविंद पांडे चर्चा में रहे थे। जहां अन्य भाजपा विधायक अग्रिम पंक्ति में बैठे थे, वहीं पांडे पीछे की सीटों पर नजर आए थे। इसके बाद उनके नाम से प्रधानमंत्री मोदी को लिखा गया एक कथित पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी थी।

इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा था। हालांकि बाद में अरविंद पांडे ने उस पत्र को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा था कि यह उनकी और भाजपा की छवि खराब करने की साजिश है।

भाजपा के दिग्गज नेताओं ने भी साधा था संपर्क

अरविंद पांडे की नाराजगी की चर्चाओं के बीच भाजपा संगठन भी सक्रिय हो गया था। हाल के दिनों में भाजपा सांसद अनिल बलूनी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी उनके आवास पहुंचे थे। अब मुख्यमंत्री धामी की मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

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मुलाकात के बाद बदले अरविंद पांडे के सुर

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अरविंद पांडे का रुख पहले की तुलना में काफी सकारात्मक नजर आया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह दौरा पूरी तरह पारिवारिक था और वे उनके घर जन्मे जुड़वा पौत्र और पौत्री को आशीर्वाद देने पहुंचे थे।

पांडे ने कहा, “राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हम सभी भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता हैं। हम संगठन की संपत्ति हैं और प्रदेश व जनता के हित में मिलकर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को फिर से प्रचंड बहुमत दिलाने के लिए सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करेंगे।

2027 चुनाव से पहले एकजुटता का बड़ा संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री धामी की यह मुलाकात केवल पारिवारिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन में एकजुटता और सामंजस्य का स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है।

अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि इस मुलाकात के बाद अरविंद पांडे और भाजपा नेतृत्व के बीच रिश्तों में आई गर्मजोशी स्थायी रहती है या फिर आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में कोई नया मोड़ देखने को मिलता है।

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