उपनल कर्मियों को बड़ी राहत, समान काम पर अब समान वेतन का रास्ता साफ

देहरादून।

उत्तराखंड सरकार ने उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों के हित में अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने सभी विभागों को निर्देश जारी करते हुए उपनल कर्मियों को भी “समान कार्य–समान वेतन” के दायरे में लाने को कहा है।

 

सरकारी आदेश के मुताबिक, यदि कोई उपनल कर्मचारी किसी विभाग में वही जिम्मेदारी निभा रहा है, जो नियमित कर्मचारी करते हैं, तो उसे न्यूनतम वेतनमान (एंट्री पे), तय मानदेय और संबंधित भत्तों में समानता दी जाएगी। इसका उद्देश्य लंबे समय से चली आ रही वेतन संबंधी असमानता को खत्म करना है।

 

प्रदेशभर में इस समय लगभग 22 से 25 हजार उपनल कार्मिक विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। इनमें से करीब 18 से 20 हजार कर्मचारियों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलने की संभावना है। अलग–अलग पदों और श्रेणियों में वेतन में 3 हजार से 10 हजार रुपये तक या उससे अधिक की बढ़ोतरी अनुमानित बताई जा रही है।

 

सरकार ने सभी विभागों को वेतन विसंगतियों को तुरंत दूर करने और 15 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। आदेश जारी होते ही उपनल कर्मियों में उत्साह देखा जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि इस निर्णय से वर्षों से बनी आर्थिक असमानता खत्म होगी और कार्यस्थलों पर पारदर्शिता और संतुलन को बढ़ावा मिलेगा।

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