गजब : लकड़ी की बल्लियों के सहारे खड़ा किया मोटर पुल। सुरक्षा मानकों की अनदेखी से आक्रो
मोरी 11 फरवरी 2026
सेतु निर्माण में सुरक्षा मानकों मानकों की अनदेखी
जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों ने उठाए सवाल
नीरज उत्तराखंडी , मोरी उत्तरकाशी
सौड़-ओसला मोटर मार्ग पर पुल निर्माण में लापरवाही और गुणवत्ता पर उठे सवाल
बल्लियों के सहारे मोटर पुल खड़ा करने को लेकर विवाद
मोरी।। मोरी विकास खंड के सौड़-ओसला मोटर मार्ग पर गंगाड़ गांव के समीप सुपिन नदी पर निर्माणाधीन मोटर पुल में ब्रिडकुल इकाई के अधिकारियों की गैर जिम्मेदारी व लापरवाही सामने आई है। पुल का भार थामने के लिए लोहे की जगह लकड़ी की बल्लियों का उपयोग करने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि व लोगों ने नाराजगी जताई है और पुल के निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी व गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
गौरतलब हो कि मोरी के गोविंद वन्य जीव विहार पार्क क्षेत्र में पर्यटन स्थल हरकीदून घाटी की ओर जाने वाले इस मार्ग पर 30 मीटर स्पान का मोटर पुल निर्माणाधीन है, जिसकी लागत में करीब एक करोड़ 66 लाख रुपये लगे हैं। पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2024 में शुरू किया गया था और 31 मार्च 2026 तक कार्य पूरा होना है। फिलहाल लोग पैदल पुल से आवाजाही करते हैं। पुल के प्लेटें और लेंटर का कार्य होना बाकी है, लेकिन इसके लिए लोहे के ढांचे को खड़ा करने में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। पुल के एक छोर पर लोहे के टेक का इस्तेमाल किया गया है, जबकि दूसरे छोर पर केवल लकड़ी की बल्लियां लगाई गई हैं।
जिला पंचायत सदस्य रविना रावत ने बताया कि पुल का निर्माण मानकों के विपरीत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाले पुल में लकड़ी की ठेकों का इस्तेमाल करना सुरक्षा मानकों की अनदेखी उजागर करता है।
मोरी के सौंड ओसला मोटर मार्ग पर निर्माणाधीन मोटर पुल का अन्य एजेंसी से तकनीकी परीक्षण करवाया जाएगा। यदि इसमें खामियां पाई गई तो ब्रिडकुल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
….प्रशांत आर्य, डीएम उत्तरकाशी।
मोटर पुल निर्माण में किसी भी तरह से लकड़ी की बल्लियों का सहारा नही देना चाहिए, न ही इसका प्रयोग पुल निर्माण में किया जाता है। यदि पुल के नीचे बल्लियां लगाई गई हैं तो संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।
……..- अनुराग चौहान, जेई ब्रिडकुल ईकाई।



