हार्ट अटैक से बीकेटीसी सदस्य का निधन, केदार घाटी ने खोया एक समर्पित धर्मसेवी

केदारनाथ धाम से जुड़े धार्मिक और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के सदस्य एवं वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती के आकस्मिक निधन से केदार घाटी शोकाकुल है। उनके निधन की खबर फैलते ही क्षेत्र में गहरा दुःख व्यक्त किया गया और विभिन्न संगठनों व जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। […]

केदारनाथ धाम से जुड़े धार्मिक और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के सदस्य एवं वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती के आकस्मिक निधन से केदार घाटी शोकाकुल है। उनके निधन की खबर फैलते ही क्षेत्र में गहरा दुःख व्यक्त किया गया और विभिन्न संगठनों व जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

84 वर्षीय श्रीनिवास पोस्ती का शनिवार देर शाम हृदयाघात के कारण देहावसान हो गया। वे पिछले लगभग दो दशकों से बीकेटीसी में सक्रिय सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। मंदिर प्रशासन और धार्मिक व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है।

 

केदारनाथ यात्रा के संचालन और व्यवस्थाओं में उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय भागीदारी निभाई। केदार घाटी में होने वाले धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी उपस्थिति और मार्गदर्शन अहम माना जाता था। धार्मिक विषयों पर उनकी गहरी समझ थी और लेखन व सोशल मीडिया के माध्यम से भी वे निरंतर सक्रिय रहे।

 

उनके निधन पर गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल और पूर्व विधायक मनोज रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने शोक संवेदना व्यक्त की।

 

इसके अलावा बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चण्डी प्रसाद भट्ट, अमरनाथ नंबूदरी, बीकेटीसी सीईओ विजय प्रसाद थपलियाल, शिव शंकर लिंग, टी गंगाधर लिंग सहित समिति पदाधिकारियों, केदार सभा, तीर्थ पुरोहित समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

 

क्षेत्रवासियों का कहना है कि श्रीनिवास पोस्ती ने अपना संपूर्ण जीवन धार्मिक सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए समर्पित किया। केदार घाटी के धार्मिक इतिहास में उनका योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।

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