थराली PWD में बड़ा खेल!, रसूखदार ठेकेदारों को काम, भुगतान पर ताला

चमोली / गिरीश चंदोला

थराली में रसूखदार व्यवसायी बने ठेकेदार? आपदा के दौरान बने ‘सेलेक्शन बॉन्ड’, भुगतान में देरी पर उठे सवाल

चमोली जिले के थराली क्षेत्र में आपदा कार्यों को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि आपदा के दौरान विभागीय अधिकारियों ने रसूखदार ठेकेदारों के ‘सेलेक्शन बॉन्ड’ बनाकर काम तो करा लिया, लेकिन समय बीत जाने के बावजूद उनके भुगतान नहीं किए जा रहे हैं। इससे ठेकेदारों में रोष व्याप्त है।

सूत्रों के अनुसार, लोक निर्माण विभाग में पहले से ही कुछ रसूखदार ठेकेदारों को प्राथमिकता दी जाती रही है। यहां ‘सेलेक्शन बॉन्ड’ के जरिए कार्य आवंटन का खेल चलने की चर्चा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिन अधिकारियों ने आपदा के दौरान ये सेलेक्शन किए, क्या उनके खिलाफ भी जांच और कार्रवाई होगी? विभाग के एक सहायक अभियंता की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं हैं।

आपदा कार्यों का भुगतान छह माह बाद भी न होने पर ठेकेदारों ने लोक निर्माण विभाग कार्यालय में तालाबंदी का ऐलान कर दिया। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। प्रभारी तहसीलदार थराली अक्षय पंकज ने ठेकेदारों की समस्याएं सुनीं।

ठेकेदारों का कहना है कि आपदा के दौरान बंद पड़ी सड़कों को खोलने के लिए उन्होंने अपनी मशीनरी और डंपर लगाए तथा मार्ग बहाल किए। इसके बावजूद छह माह बीत जाने के बाद भी उनके बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। ठेकेदारों ने विभाग के खंडीय लेखाधिकारी पर जानबूझकर भुगतान में देरी करने का आरोप लगाया।

बैठक में तहसीलदार अक्षय पंकज ने लोक निर्माण विभाग की सहायक अभियंता कुमारी बबीता, खंडीय लेखाधिकारी अरुण कुमार और ठेकेदारों का पक्ष सुना। इस दौरान विभागीय अधिकारियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी लगे। अंत में तहसीलदार ने अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता की, जिसमें अधिशासी अभियंता ने दो दिन के भीतर लंबित बिलों के भुगतान का आश्वासन दिया।

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