देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जनगणना ड्यूटी में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। जिला पूर्ति कार्यालय से जुड़े 11 कर्मचारियों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि संबंधित कर्मचारी न तो जनगणना ड्यूटी पर पहुंचे और न ही प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुए।
मामले को गंभीर मानते हुए नगर निगम की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।
सहायक अभियंता की तहरीर पर दर्ज हुआ केस
पुलिस से मिली जानकरी के अनुसार,नगर निगम देहरादून के सहायक अभियंता रमेश बिष्ट की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।
तहरीर में बताया गया कि जनगणना कार्य के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। कर्मचारियों के लिए पहला प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 से 23 अप्रैल और दूसरा प्रशिक्षण 30 अप्रैल को आयोजित किया गया था।
प्रशिक्षण और ड्यूटी से रहे गायब
आरोप है कि खाद्य एवं पूर्ति विभाग के 11 कर्मचारियों ने न तो प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया और न ही जनगणना ड्यूटी का पालन किया। मिली जानकरी के अनुसार,जिन कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें: लोकेश पंत,श्रीमहाजन,मयंक सिंह,पंकज कुमार,संदीप बलूनी,होशियार सिंह,मोहन भट्ट,आनंद सिंह,आंचल,रजत नेगी,विनोद कुमार शामिल हैं।
नगर निगम के अनुसार संबंधित कर्मचारियों ने जनगणना तैनाती आदेश और जनगणना बस्ता भी प्राप्त नहीं किया। सहायक अभियंता रमेश बिष्ट ने बताया कि मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से भी पत्राचार किया गया था।
प्रभावित न हो जनगणना कार्य, लगाए गए दूसरे कर्मचारी
प्रशासन के अनुसार जनगणना कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए इन कर्मचारियों के स्थान पर अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगानी पड़ी।
मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




