उत्तरकाशी, मई 2026।नीरज उत्तराखंडी
उत्तरकाशी जनपद में संचालित चारधाम यात्रा लगातार गति पकड़ रही है। श्री यमुनोत्री धाम और श्री गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए किए गए व्यापक इंतजामों के चलते तीर्थयात्री निर्बाध रूप से दर्शन कर रहे हैं।
यात्रा बुलेटिन के अनुसार,बुधवार 13 मई 2026 को शाम 6:30 बजे तक दोनों धामों में कुल 26,718 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इनमें 14,044 पुरुष, 12,116 महिलाएं और 558 बच्चे शामिल रहे।
चार लाख के पार पहुंची कुल तीर्थयात्रियों की संख्या
चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक कुल 4,12,815 श्रद्धालु यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में दर्शन कर चुके हैं। इनमें—
यमुनोत्री धाम: 2,07,390 श्रद्धालु
गंगोत्री धाम: 2,05,425 श्रद्धालु
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या से स्पष्ट है कि इस वर्ष यात्रा के प्रति देशभर के श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
यातायात व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित
यात्रा मार्गों पर सुगम यातायात सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह सक्रिय हैं। बुधवार को दोनों धामों के लिए कुल 2,243 वाहनों का संचालन किया गया, जिनमें—
यमुनोत्री धाम के लिए: 1,013 वाहन
गंगोत्री धाम के लिए: 1,230 वाहन
इस यात्रा सीजन में अब तक कुल 40,989 वाहनों के माध्यम से श्रद्धालु इन दोनों पवित्र धामों तक पहुंच चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग की सतर्क निगरानी
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रा मार्ग और धामों में लगातार स्वास्थ्य परीक्षण किए जा रहे हैं। अब तक कुल:
1,25,413 श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग
11,952 श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के लिए आवश्यक चिकित्सीय परामर्श और सुझाव भी दिए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करें, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतें तथा प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाया गया है।
चारधाम यात्रा के सफल संचालन में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग और स्थानीय स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका महत्वपूर्ण साबित हो रही है।




