देहरादून, अप्रैल 2026।नीरज उत्तराखंडी
गढ़वाल मंडल में भूमि की धोखाधड़ी, अवैध खरीद-फरोख्त और सरकारी संपत्तियों पर कब्जे से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय की अध्यक्षता में 6 अप्रैल 2026 को लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जिलों से जुड़े कुल 29 प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को त्वरित जांच तथा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में राजीव स्वरूप, कल्याणी, जया बलूनी सहित प्रशासन, पुलिस, वन विभाग, राजस्व विभाग, नगर निगम और मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
लंबित मामलों पर बिंदुवार समीक्षा
बैठक में गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों में भूमि धोखाधड़ी से जुड़े लंबित मामलों की गहन समीक्षा की गई। कई मामलों में जांच अंतिम चरण में होने की जानकारी दी गई, जबकि कुछ मामलों में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी के तथ्य सामने आने पर पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
विकासनगर के प्रकरण में तत्काल अनुपालन के निर्देश: अर्चना रोहिला के मामले में उप जिलाधिकारी विकासनगर द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में देरी पर नाराजगी व्यक्त की गई। उप जिलाधिकारी विकासनगर को निर्देशित किया गया कि तहसीलदार के माध्यम से आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित कर रिपोर्ट शीघ्र आयुक्त कार्यालय को भेजी जाए।
देहरादून के मामलों में जांच अंतिम चरण में:धीरज सिंह पयाल तथा युद्धवीर सिंह राणा के मामलों में पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र ने बताया कि साक्ष्य संकलन की कार्रवाई अंतिम चरण में है। समिति ने एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
बड़कोट भूमि प्रकरण में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी:यमुनोत्री क्षेत्र से जुड़े बड़कोट के एक महत्वपूर्ण मामले में प्रथम दृष्टया पाया गया कि मालचंद पुत्र सुरजनु और श्रीमती जशोदा राणा ने अपने हिस्से से अधिक भूमि का विक्रय किया। समिति ने इस मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र को विधिवत जांच कर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उप जिलाधिकारी बड़कोट को आवश्यक अभिलेख तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया।
ब्राह्मणवाला देहरादून का मामला बंद:एस.पी. केहड़ा द्वारा प्रस्तुत ब्राह्मणवाला, देहरादून के प्रकरण में जांच के दौरान शिकायतकर्ता और विपक्षी के पते की पुष्टि नहीं हो सकी। इस कारण समिति ने मामले में आगे कार्रवाई को असंभव मानते हुए इसे निस्तारित कर दिया।
मसूरी नगर पालिका संपत्ति पर अतिक्रमण नहीं मिला:नगर पालिका परिषद मसूरी की संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत की जांच में नगर पालिका के मानचित्रकार द्वारा स्थल निरीक्षण कराया गया। जांच में किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं पाया गया, जिसके आधार पर इस प्रकरण को भी निस्तारित कर दिया गया।
अधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश
आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि भूमि धोखाधड़ी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, उप जिलाधिकारियों तथा संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें और शिकायतकर्ताओं को भी प्रगति से अवगत कराएं।
बैठक की कार्यवाही की प्रतिलिपि उत्तराखण्ड शासन के मुख्य सचिव, गृह सचिव, राजस्व सचिव, राजस्व परिषद तथा गढ़वाल मंडल के सभी जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को अनुपालनार्थ भेजी गई है।
भूमि माफियाओं पर कड़ी नजर
गढ़वाल मंडल में तेजी से बढ़ रहे भूमि विवादों और धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए प्रशासन अब और अधिक सतर्क हो गया है। समिति की इस बैठक को भूमि माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।




