रिपोर्ट:— मानसी पंत ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा के टेक जॉन्स सेक्टर-4 स्थित गोल्डन-1 टावर-3 में मंगलवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। टावर की नौवीं मंजिल पर स्थित एक कार्यालय में अचानक धुआं उठने के बाद कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
नौवीं मंजिल से उठता धुआं देख मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह करीब 9 बजे की है। उस समय कार्यालय में कुछ कर्मचारी मौजूद थे और नियमित कार्य कर रहे थे। इसी दौरान नौवीं मंजिल पर स्थित एक ऑफिस से धुआं निकलता दिखाई दिया।
टावर में पहुंच रहे अन्य कर्मचारियों ने जब धुआं देखा तो तुरंत इसकी सूचना सुरक्षा कर्मियों को दी। हालात को देखते हुए सुरक्षा कर्मचारियों ने लोगों को भवन के अंदर जाने से रोक दिया और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए।
फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
करीब डेढ़ से दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते कार्रवाई होने के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया।
शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा आग का कारण
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह विद्युत शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि अग्निकांड की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद हाईराइज इमारतों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और कर्मचारियों का आरोप है कि आग लगने के दौरान भवन में लगे फायर अलार्म, सेंसर और स्प्रिंकलर सिस्टम सक्रिय नहीं हुए।
यदि ये सुरक्षा उपकरण समय पर काम करते तो आग को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सकता था और कर्मचारियों को तुरंत सतर्क किया जा सकता था।
कर्मचारियों ने लगाए सुरक्षा में लापरवाही के आरोप
कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें आग लगने की जानकारी केवल धुआं उठने और जलने की गंध महसूस होने के बाद ही मिली। उनका आरोप है कि बिल्डिंग प्रबंधन और बिल्डर द्वारा सुरक्षा मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया।
टावर में संचालित विभिन्न कार्यालयों के प्रबंधकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद कर्मचारियों और कार्यालय प्रबंधन ने स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही भवन में फायर अलार्म, सेंसर, स्प्रिंकलर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की तत्काल जांच एवं मरम्मत कराने की भी मांग उठाई गई है।
एहतियात के तौर पर घटना के बाद टावर में संचालित कई कार्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया।
हाईराइज इमारतों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
ग्रेटर नोएडा में हुई इस घटना ने एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव नहीं होने पर भविष्य में ऐसे हादसे बड़े खतरे का कारण बन सकते हैं।





