नई दिल्ली। बुधवार को भारी गिरावट का सामना करने के बाद गुरुवार (25 जून 2026) को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों में हलकी वापसी देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र में आई बड़ी बिकवाली के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की, जिससे कीमती धातुओं के भाव फिर हरे निशान में बंद हुए।
MCX के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 24 जून को जहां सोना और चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, वहीं 25 जून को दोनों धातुओं ने हलकी रिकवरी दिखाई। हालांकि कीमतें अभी भी 23 जून के उच्च स्तर से नीचे बनी हुई हैं।
सोना फिर चढ़ा, 2,100 रुपये की रिकवरी
MCX पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना 24 जून को 1,41,100 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। गुरुवार को इसमें सुधार दर्ज हुआ और भाव बढ़कर 1,43,200 रुपये पर पहुंच गया।
यानी एक ही दिन में सोने की कीमत में करीब 2,100 रुपये की तेजी दर्ज की गई। हालांकि यह अभी भी 23 जून के स्तर 1,46,473 रुपये से करीब 3,273 रुपये नीचे कारोबार कर रहा है।
चांदी में भी लौटी तेजी
3 जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी 24 जून को 2,12,697 रुपये तक फिसल गई थी। गुरुवार को इसमें सुधार आया और कीमत बढ़कर 2,20,940 रुपये पर पहुंच गई।
इस तरह एक दिन में चांदी में 8,243 रुपये की रिकवरी देखने को मिली। हालांकि 23 जून के स्तर 2,25,988 रुपये की तुलना में चांदी अभी भी लगभग 5,048 रुपये नीचे है।
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Bullion Index में 633 अंकों की मजबूती
MCX iCOMDEX Bullion Index में भी शानदार सुधार दर्ज किया गया।
- 24 जून: 32,598.27
- 25 जून: 33,231.30
इंडेक्स में करीब 633 अंक यानी 1.81% की तेजी दर्ज हुई, जो बाजार में लौटे सकारात्मक रुझान का संकेत है।
क्रूड ऑयल और अन्य कमोडिटी में भी तेजी
गुरुवार को कई प्रमुख कमोडिटी में भी मजबूती देखने को मिली।
- क्रूड ऑयल: +2.10%
- प्राकृतिक गैस: +1.66%
- चांदी: +0.58%
- सोना: +0.05%
- कॉपर: +0.07%
- जिंक: +0.08%
वहीं लीड में मामूली 0.07% की कमजोरी दर्ज की गई।
क्या संकेत दे रहा है बाजार?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बुधवार की भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की है, जिसके चलते सोना-चांदी में तकनीकी रिकवरी देखने को मिली। हालांकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ऐसे में लंबी अवधि के निवेशक चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपना सकते हैं, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को वैश्विक संकेतकों और डॉलर की चाल पर नजर बनाए रखनी चाहिए।





