- सुबह 10:28 बजे शीतकाल के लिए कपाट बंद करने का शुभ मुहूर्त तय
उत्तरकाशी। 20 अक्तूबर; नीरज उत्तराखंडी
विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट आगामी 11 नवंबर को भैया दूज के पावन पर्व पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। कपाट बंद करने का शुभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 28 मिनट निर्धारित किया गया है। विजयदशमी के अवसर पर मंदिर समिति एवं पुरोहित समाज की मौजूदगी में आयोजित बैठक में पंचांग और धार्मिक परंपराओं के अनुसार कपाट बंद करने की तिथि और समय तय किया गया।
मंदिर समिति के अनुसार कपाट बंद करने के दौरान अनुराधा नक्षत्र और सौम्य धनु लग्न में विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाएंगे। इसके साथ ही इस वर्ष की ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा के यमुनोत्री धाम चरण का भी समापन हो जाएगा।
विजयदशमी पर हुआ विचार-विमर्श
यमुनोत्री धाम में विजयदशमी के अवसर पर मंदिर समिति और पुरोहित समाज की बैठक आयोजित हुई। बैठक में पंचांग का अध्ययन करने के साथ धार्मिक मान्यताओं एवं परंपराओं पर विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद मां यमुना के कपाट शीतकाल के लिए बंद करने की तिथि और शुभ मुहूर्त निर्धारित किया गया।
शीतकालीन प्रवास स्थल पर होगी पूजा
भैया दूज के दिन निर्धारित मुहूर्त पर कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की पूजा-अर्चना शीतकाल के दौरान उनके शीतकालीन प्रवास स्थल पर की जाएगी। कपाट बंद करने के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान और वैदिक परंपराओं का निर्वहन किया जाएगा।
यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के साथ ही धाम में नियमित ग्रीष्मकालीन दर्शन व्यवस्था समाप्त हो जाएगी और अगले यात्रा काल में कपाट पुनः खुलने तक मां यमुना की आराधना शीतकालीन प्रवास स्थल से जारी रहेगी।






