एक्सक्लूसिव : हिलटॉप के समर्थन में उतरे गढरत्न नरेंद्र सिंह नेगी। सीएम बधाई देने गये थे नेगी के घर

देवप्रयाग में शराब फैक्ट्री को लेकर सियासत गरमाई हुई है। विपक्षी दल कांग्रेस सहित तमाम अन्य दल और समाजसेवी संगठन सरकार के इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर हैं। संगम नगरी देवप्रयाग में शराब फैक्ट्री लगाने के सरकार के फैसले का चारों तरफ कड़ा विरोध हो रहा है।

बधाई के बहाने मैनेजमेंट/डैमेज कंट्रोल 

ऐसे माहौल में लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने शराब फैक्ट्री के समर्थन में अपनी बात कह कर जनआक्रोश में घी डाल दिया है।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत गायक नरेंद्र सिंह नेगी को बधाई देने के बहाने उनके घर गए थे। नरेंद्र सिंह नेगी के इस बयान को इसी आलोक में देखा जा रहा है।

देखिए वीडियो 

https://youtu.be/643Kezb3SEI

बीमारी पर मैक्स अस्पताल का लाखों खर्च त्रिवेंद्र सरकार ने किया था वहन

अब एक और दृष्टिकोण से भी नरेंद्र सिंह नेगी के बयान को रिकॉल किया जा रहा है। गौरतलब है कि नरेंद्र सिंह नेगी जब बेहद बीमार पड़े थे तो मैक्स अस्पताल में उनकी बीमारी पर हुआ 17 लाख रुपए का खर्च त्रिवेंद्र सरकार ने ही वहन किया था। सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि कहीं यह बयान उसी उपकार की प्रतिपूर्ति तो नहीं !!

उठ रहे सवाल

लोग अब नरेंद्र सिंह नेगी से सवाल पूछ सकते हैं कि क्या वह “नौछमी नारायण” और “कथगा खैलू” गाने वाले ही नरेंद्र सिंह नेगी है अथवा हरदा और अब त्रिवेंद्र सिंह रावत के डेनिस से लेकर हिलटॉप तक के दौर में उन्होंने भी अपने सुर बदल दिए हैं।

लोग पूछ सकते हैं कि नेगी जी यह आप बोल रहे हैं या फिर हरदा और त्रिवेंद्र की सोहबत का सुरूर बोल रहा है !!

नेगी दा परिवार के साथ सीएम

त्रिवेंद्र सरकार ने शराब फैक्ट्री को लेकर लेकर तमाम तरह के तर्क देना ही है। सरकार कह रही है फल उत्पादन करने वाले किसानों को मुनाफा होगा। स्थानीय लोगों को रोजगार भी प्राप्त होगा। बावजूद इसके हिलटॉप को लेकर चारों तरफ विरोध की आवाज बुलंद है।

त्रिवेंद्र सरकार को एक बड़ी कामयाबी उस वक्त मिली। जब गढरत्न नरेंद्र सिंह नेगी ने सरकार के फैसले की पैरवी की। नेगी ने कहा इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ ही किसानों को भी फायदा होगा। नेगी ने कहा सबसे ज्यादा खपत शराब की उत्तरारखंड में ही है।

पत्रकार विनोद कोठियाल देहरादून से इस पर टिप्पणी करते हैं,-“नरेन्द्र सिंह नेगी से यह उम्मीद तो बिलकुल भी नहीं करेगा प्रदेश। अगर शराब से रोजगार ढूंढ रहे है तो डामो का विरोध और खनन का विरोध क्यों कर रहे हैं थे उससे भी तो प्रदेश को रोजगार ही मिलता।
नेगी जी का कालजयी गाना है कि “उत्तराखंड कि घरती यूँ डामू न डाम्याली जी।  यह पंक्ति लिखने वाला व्यक्ति शराब मे रोजगार ढूंढ रहा है।
लगता है पद्मश्री न मिलने से लाइन लेन्थ बिगड़ गयी।”

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