हाईकोर्ट ब्रेकिंग: धरा रह गया आध्यादेश। हुई फजीहत। कोश्यारी को नोटिस भेजने को अधिकारी महाराष्ट्र रवाना। अगली सुनवाई करवाचौथ पर

कमल जगाती, नैनीताल

उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से आवास भत्ता व अन्य सुविधाओं में हुए खर्च को वसूल करने के मामले में राज्य सरकार से शपथपत्र दाखिल करने को कहा है।

आज सुनवाई के दौरान सरकार ने न्यायालय को मौखिक रूप से बताया कि सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस भेज दिए गए है, जिसपर न्यायालय ने सरकार को कल तक सपथपत्र के माध्यम से लिखित तौर पर इस बात को बताने को कहा है। साथ ही मामले में सुनवाई 17 अक्टूबर के लिए रख दी है।

बाइट :- कार्तिकेय हरि गुप्ता, अधिवक्ता याचिकाकर्ता

https://youtu.be/P7_nbB1De-E

 

आपको बता दें कि पिछली सुनवाई में न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी, रमेश पोखरियाल निशंक, भगत सिंह कोश्यारी और विजय बहुगुणा को नोटिस जारी करने को कहा था।

मामले के अनुसार देहरादून की रुलक संस्था द्वारा सरकार के आध्यादेश के खिलाफ दायर जनहित याचिका में कहा कि राज्य सरकार ने अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर पूर्व मुख्यमंत्रियों को व्यक्तिगत लाभ व सेवाएं देने के लिए यह अध्यादेश पास किया है जो असंवैधानिक है। सरकार ने यह अध्यादेश उच्च न्यायलय के आदेश को ताक में रखकर पास किया है। हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों से अभी तक का किराया व अन्य सुविधाओं की वसूली करने के आदेश दिए थे।

सरकार ने मुख्यमंत्री तथा वर्तमान समय में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को नोटिस भेजने के लिए बाकायदा एक अनुभाग अधिकारी को महाराष्ट्र रवाना कर दिया है।

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