वीडियो: कैबिनेट मंत्री के लिए मां बहन की गालियां, सरकारी मुलाजिम के श्रीमुख से

सरकारी कर्मचारी बोला मंत्री की माँ की,मंत्री की बहन की। आखिर क्यों आई नौबत ! नदी को चैनेलाइज करने के नाम पर अवैध खनन,लोगों में घर बहने का सताने लगा भय अनुज नेगी पौड़ी।वन मंत्री हरक सिंह रावत के विधानसभा कोटद्वार में इन दिनों चैनेलाइजेशन नाम पर जमकर अवैध खनन का खेल खेला जा रहा […]

सरकारी कर्मचारी बोला मंत्री की माँ की,मंत्री की बहन की। आखिर क्यों आई नौबत ! नदी को चैनेलाइज करने के नाम पर अवैध खनन,लोगों में घर बहने का सताने लगा भय

अनुज नेगी
पौड़ी।वन मंत्री हरक सिंह रावत के विधानसभा कोटद्वार में इन दिनों चैनेलाइजेशन नाम पर जमकर अवैध खनन का खेल खेला जा रहा है,जिसके कारण आस पास के घर के लोगों को घर बहने का भय सताने लगा है,वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार प्रशासन सफेदपोश नेताओं के आगे नतमस्तक है।

अब क्षेत्रीय जनता का धैर्य जवाब देने लगा है।खनन माफियाओं से परेशान लोगो का गुस्सा वन मंत्री हरक सिंह रावत के प्रेस सचिव सुधीर बहुगुणा पर टूट पड़ा और लोगों ने सुधीर बहुगुणा को जमकर खरी-खोटी सुना कर मंत्री के लिए भी कोई कसर नही छोड़ी।

देखिए वीडियो 

https://youtu.be/5aB5z03zaGc

 

जनपद पौड़ी के कोटद्वार के खोह नदी, सुखरो नदी और पनियाली गदेरे में इन दिनों चैनेलाइजेशन के नाम पर मानकों के विपरीत जमकर अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे सरकार को रोजाना करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है।

लोगों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की नाक के नीचे अवैध खनन किया जा रहा है। खनन माफियाओं ने पोकलैंड मशीनों से नाले को 10 से 12 फीट तक खोद दिया है। अवैध खनन के कारण लोगों के घरों की नींव हिल गई है।

साथ ही लोगों ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत करने पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नही करते हैं।कई बार स्थानीय लोगो ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से भी कर चुके हैं।

लोगों का कहना है कि जो शिकायत करता है, उनके नंबर को अधिकारी ब्लैक लिस्ट कर देते हैं, ताकि वे दोबारा शिकायत न कर सकें। कई बार लोगों की शिकायत करने पर उप जिलाधिकारी मौके पर पहुंचे लेकिन उनके द्वारा ठोस कार्रवाई न किए जाने से लोगों में आक्रोष है।

अब सवाल यह बनता है कि आखिर क्यों प्रशासन सफेदपोश नेताओं के आगे नसमस्तक होकर बैठा है !क्या प्रशासन लोगों के घरों का बहने का इंतजार कर रहा है।

आपको बता दें कि पिछले एक वर्ष में इस खनन के कारण कोटद्वार से चार उप जिलाअधिकारियों के ट्रांसफर भी हुए हैं।जिसने कार्यवाही की उसका ट्रांसफर होना निश्चित है।

वहीं मामले में उपजिलाधिकारी योगेश मेहता का कहना है कि
मानकों के विपरीत चैनेलाइज को बर्दाश्त नही किया जायेगा। सावर्जनिक संपति को हुए नुकसान की भरपाई संबंधित ठेकेदार से की जाएगी। जाहिर है कि जब एक सरकारी कर्मचारी ने भी आपा खो दिया तो फिर मंत्री जी को विश्लेषण करके कार्यवाही करना तो  ही है।

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