गजब: कागज आईटीबीपी के, जमीन पालिका की और होटल अपना। छह पर मुकदमा

कागज आईटीबीपी के, जमीन पालिका की और होटल अपना। छह पर मुकदमा मसूरी में नगर पालिका की भूमि को कब्जा कर उसमें होटल व्हाइट हाउस के नाम से होटल बनाने पर 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फर्जी दस्तावेज से खड़ा किया होटल गौरतलब है कि आइटीबीपी के कागजों में कूट […]

कागज आईटीबीपी के, जमीन पालिका की और होटल अपना। छह पर मुकदमा

मसूरी में नगर पालिका की भूमि को कब्जा कर उसमें होटल व्हाइट हाउस के नाम से होटल बनाने पर 6 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

फर्जी दस्तावेज से खड़ा किया होटल

गौरतलब है कि आइटीबीपी के कागजों में कूट रचना करके अनिल धर ने मसूरी नगर पालिका की भूमि कब्जाई और उस पर होटल खड़ा कर दिया। मसूरी बार्लोगंज के क्यारकुली भट्टा क्षेत्र में आइटीबीपी के स्वामित्व वाली जमीन पर भू अभिलेखों में कूट रचना करके कुछ लोगों ने नगर पालिका की भूमि बेच दी। सूचना के अधिकार में प्राप्त दस्तावेजों पर जब जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत की गई तो जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम प्रशासन ने इस पर जांच बिठा दी।उसमे यह सारा मामला खुला।

छह पर मुकदमा

इस मामले में शामिल सभी 6 लोगों के खिलाफ कूट रचना करने और आपराधिक षड्यंत्र आदि की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

यह है मामला

गौरतलब है कि वर्ष 1933 में रघु प्रताप नाम के व्यक्ति ने क्यारखुली भट्टा में 795 बीघा जमीन खरीदी थी। 23 दिसंबर 1964 को तत्कालीन उत्तर प्रदेश सरकार ने इसको एक्वायर कर दिया था और वर्ष 1988 में सैकड़ों बीघा की भूमि आईटीबीपी के नाम ट्रांसफर कर दी थी। आइटीबीपी के पक्ष में दाखिला खारिज नहीं होने का फायदा उठाकर रघुराज सिंह ने विकास चंद्र नाम के व्यक्ति के पक्ष में पावर ऑफ अटॉर्नी जारी करके आईटीबीपी की जमीन को बेचने लगे थे।

वर्ष 2016 में जब एसआईटी ने इसका खुलासा किया तो कई लोग जेल भी गए थे और आइटीबीपी के नाम भूमि भी वापस चढ़ा दी गई थी। किंतु आस पास की सरकारी भूमि को अब भी खुर्दबुर्द किया जा रहा है और आईटीबीपी की भूमि के कागजों का खरीद-फरोख्त में प्रयोग किया जा रहा है। अनिल धर नाम के व्यक्ति ने इस जमीन को संतोष थापली नाम के व्यक्ति से खरीदा हुआ बता कर एक विक्रय पत्र तैयार कराया और इस जमीन पर अपना होटल खड़ा कर दिया।

जांच मे हुआ खुलासा

जांच में यह विक्रय पत्र भी कूट रचित पाया गया तथा जमीन भी नगरपालिका मसूरी की निकली। एडीएम प्रशासन से लेकर लैंड फ्रॉड कमेटी और मसूरी नगर पालिका की जांच में यह साबित हुआ कि इस जमीन पर अनिल धर नाम के व्यक्ति ने फर्जी ढंग से विक्रय पत्र तैयार करके होटल खड़ा किया है। पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को आरोपित करते हुए मुकदमा दर्ज कर दिया है।रघुराज सिंह, विकास चंद्रा, संतोष थापली, देव प्रसाद पांडे, जोगेश्वर दास और अनिल धर के खिलाफ पुलिस ने 120 बी, 467, 468, 471 और 420 में मुकदमा दर्ज किया है।

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