पानी के लिए तरसते ग्रामीणों का टूटा सब्र का बाँध, सड़को पर खाली बर्तन बजाकर जताया रोष !

घनसाली:- 

लगातार कई दिनों से सोशल मीडिया के माध्यम से पानी की शिकायत जनप्रतिनिधियों एवं सरकार तक पहुंचाने के लिए भिलंगना ब्लॉक मुख्यालय के सबसे नजदीकी गाँव सेंदुल-केमरा के ग्रामीण आमदा है।

अब उनके सब्र का बाँध टूटने लगा है जिसका जीता जागता उदाहरण है कि, ग्रामीण सड़को पर पानी के खाली बर्तन बजाते हुए एवं जलसंस्थान घनसाली के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे है।

ग्रामीणों का कहना है कि, उन्हें 20 दिनों से ज्यादा समय बीतने के बाद भी उनके घरों में पानी नहीं आ रहा है ।

उनका कहना है कि, सेंदुल-केमरा ग्राम पंचायत में वर्तमान में तीन पेयजल योजना संचालित है। लेकिन ग्रमीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे है।

ग्रामीणों का कहना है कि, जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर-घर-नल, हर-घर-जल की योजना भी हवा हवाई हो चुकी है।

वहीं ग्रामीणों ने पांच माह पूर्व लगभग 22 लाख रूपये की लागत से बनी सोलर पम्पिंग योजना पर भी अनियमितता के गंभीर आरोप लगाये है तथा उक्त योजना की धरातलीय जांच की बात कही है।

ग्रामीणों में इस कदर गुस्सा फूट पड़ा की वह सडको पर खड़े होकर विभाग तथा अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।वही स्थानीय लोगो एवं ग्राम प्रधान ने जेई एवं प्लम्बर को तत्काल बदलने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि, ये लोग ग्रामीणों की समस्या सुनने को बिलकुल भी तैयार नहीं है तथा लोगो के फोन भी नही उठाते है।ग्रामीणों ने विभागीय कर्मियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, वह उन्हें पानी देने की बजाय उनका पेयजल कनेक्शन काटने की धमकी देते है।

उन्होंने कहा कि, जलसंस्थान के कर्मचारियों के द्वारा पानी की सुविधा बहाल करने की बजाय ग्रामीणों को ही उल्टा धमकाया जा रहा है।

ग्रामीणों ने कहा कि, उनके गाँव मे पेयजल की हर योजना फेल है क्योंकि ग्रामीणों के घर में पानी नहीं आ रहा बड़े-बूढ़े ,बच्चे दूर नदी से पानी लाने को मजबूर है।

ग्रामीणों ने ये भी कहा है कि, आजकल बरसात में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ रहा है खुदा न करे पानी लाते वक्त किसी का बच्चा नदी में बह जाता है तो इसका जिम्मेदार कौन रहेगा।

ग्रामीणों ने हाल ही में बनी सोलर पम्पिंग योजना की गहनता से जांच की बात भी कही है ।ग्रामीणों में पानी की समस्या को लेकर भयंकर रोष व्याप्त है।

वहीं इस मामले में अधिशासी अभियंता अभिषेक वर्मा ने कहा कि, छतीयारा-सेंदुल पेयजल योजना का स्रोत गर्मी के कारण लेबल डाउन हो गया था। जिससे लाइन हवा ले रही थी, जिससे हमें 3-4 दिन लग गए है।

उक्त योजना 18 किलोमीटर लंबी है इसलिए टाइम लग गया था ।

उनका कहना है कि, जैसे ही पानी धीरे धीरे चलना शुरू हुआ तो कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा टैंक के वाल्ब चेम्बर का ताला तोड़कर वाल्ब खोल दिया था,जिससे हम डिस्टर्ब हो गए थे ।जिस वजह से आज सप्लाई नही हो पाई है।

हम लगातार टैंकर से पानी की आपूर्ति कर रहे है इसको हम जल्दी ही ठीक कर देंगे।

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