उधम सिंह नगर के अखिलेश बने मशरूम बॉय, थोड़ी खेती कर पाया लाखों का मुनाफा।

कुमाऊँ ब्यूरो रिपोर्ट विशाल सक्सेना दिनेशपुर : उत्तराखंड और अन्य जगहों पर, सरकार मशरूम की खेती को बढ़ावा दे रही हैं, उद्यान विभाग किसानों को प्रशिक्षण दे रहा है, तो वहीं किटों के साथ-साथ झोपड़ी बनाने के लिए सब्सिडी (अनुदान) भी दे रहा है, (जैसे बटन, ओएस्टर और बकेट मशरूम के लिए 90% तक अनुदान) […]

कुमाऊँ ब्यूरो रिपोर्ट विशाल सक्सेना

दिनेशपुर : उत्तराखंड और अन्य जगहों पर, सरकार मशरूम की खेती को बढ़ावा दे रही हैं, उद्यान विभाग किसानों को प्रशिक्षण दे रहा है, तो वहीं किटों के साथ-साथ झोपड़ी बनाने के लिए सब्सिडी (अनुदान) भी दे रहा है, (जैसे बटन, ओएस्टर और बकेट मशरूम के लिए 90% तक अनुदान) कई किसान और उद्यमी, जिनमें महिलाएँ भी शामिल हैं, मशरूम की खेती कर लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं, एक गृहणी महिला द्वारा 10×10 के कमरे से दुर्लभ कॉर्डिसेप्स मशरूम का व्यवसाय शुरू किया, जिसमें उन्हें ₹40 लाख का टर्नओवर मिला, इसी को देख उधम सिंह नगर के दिनेशपुर क्षेत्र निवासी अखिलेश कुमार मौर्य द्वारा मशरूम की खेती की गई जोकि कम लागत और कम समय में अधिक मुनाफा देने वाला एक लाभदायक व्यवसाय है, वर्तमान में ही उन्होंने एक फर्म में बुगाई की, जिसका मुनाफा उन्हें लाखों में हुआ, अब इनके द्वारा उत्पादन की गई मशरूम, कंपनियों द्वारा खरीद कर देश विदेशों में भेजी जा रही है, अखिलेश कुमार मौर्य द्वारा हर वर्ष यह खेती की जाती है, साथ साथ बेरोजगारों को रोजगार भी दे रहे हैं, इसी क्रम को देख उन्होंने एक फर्म और तैयार की है जिसमें कि जल्द ही उनके द्वारा बीज बोया जाएगा और जनवरी तक उसमें मशरूम उत्पादन हो जाएगी।

आर्थिक लाभ :

यह कम पूंजी और कम जमीन (जैसे 10×10 या 12×24 के कमरे) जरूरत के हिसाब से की जा सकती है, कम लागत में कई गुना अधिक मुनाफा हो सकता है, यह कृषि अपशिष्टों (जैसे पुआल, भूसा) का उपयोग करके पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) खेती है।

पोषण और स्वास्थ्य:

मशरूम प्रोटीन फाइबर (रेशा) विटामिन और खनिज लवणों का एक उत्कृष्ट स्रोत है, इसमें वसा (फैट) और कैलोरी कम होती है, जो मोटापा कम करने में सहायक है, यह उच्च रक्तचाप और मधुमेह (डायबिटीज) के रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इसमें पोटेशियम, सोडियम का अनुपात बेहतर होता है और शुगर/स्टार्च कम होता है, इसके औषधीय गुण इसे कैंसर, गठिया और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में सहायक बनाते हैं।

तापमान और नमी का नियंत्रण: खासकर बटन मशरूम के लिए सही तापमान (15^\circ \text{C} से 18^\circ \text{C}) और नमी (85\%-95\%) बनाए रखना ज़रूरी है, मशरूम नाजुक होते हैं और इन्हें कीटों और रोगों से बचाना एक चुनौती है, सही प्रशिक्षण कर मुनाफे के लिए इसकी खेती की वैज्ञानिक विधि और सही जानकारी होना आवश्यक है।

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