उत्तराखंड वन विकास निगम में करोड़ों रुपये का कथित गबन, अब जांच टली तो होगा आंदोलन

उत्तराखंड वन विकास निगम में भारी घोटाले का बड़ा खुलासा: 25 करोड़ रुपये से अधिक का कथित गबन, कर्मचारी संघ ने लगाए गंभीर आरोप

 

देहरादून: उत्तराखंड वन विकास निगम में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का मामला गरमा गया है। निगम के कर्मचारी संघ ने दावा किया है कि निगम में 20 से 25 करोड़ रुपये तक का बड़ा वित्तीय अनियमितता हुआ है, जिसमें अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है।

 

संघ के अनुसार, निगम के विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं में अनियमित तरीके से धन का उपयोग किया गया। खास तौर पर 2023-24 के बजट में 1.22 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 के प्रस्तावित बजट में 50 से 60 लाख रुपये तक की अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। कर्मचारी संघ का कहना है कि इन अनियमितताओं के बावजूद दोषी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि स्थिति और बिगड़ती जा रही है।

 

संघ ने बताया कि निगम के डीपीएस (डीपॉजिट बिल्ड अप स्कीम) और अन्य मदों में करोड़ों रुपये की राशि का गबन हुआ है। चार अलग-अलग विभागों के संयुक्त प्रयास से लगभग 20-25 करोड़ रुपये की राशि का अनियमित उपयोग हुआ, लेकिन अब तक इसकी कोई आधिकारिक जांच या रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई।

 

मुख्य आरोप और मांगें

 

निगम में 2020 से लगातार अनियमितताएं जारी हैं, खासकर 2016-2020 के बीच हुए कार्यों में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप।

 

कर्मचारी संघ ने निगम प्रशासन से मांग की है कि सभी अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

 

दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और प्रभावित कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाए।

 

निगम को वित्तीय नुकसान से बचाने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

 

 

कर्मचारी संघ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद निगम प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जांच शुरू नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

 

यह मामला अब न केवल निगम के अंदर बल्कि राज्य स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। जांच एजेंसियों और सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि इस गंभीर वित्तीय अनियमितता पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई हो।

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