देहरादून: 81 वर्षीय बुजुर्ग दंपति को डिजिटल अरेस्ट करके 69 लाख की चपत

देहरादून, 17 जनवरी 2026: उत्तराखंड के देहरादून में साइबर अपराधियों ने एक 81 वर्षीय बुजुर्ग दंपति को निशाना बनाते हुए ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 69 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित दंपति, भगवत नारायण झा (81 वर्ष) और उनकी पत्नी, गंगा नगर, ऋषिकेश के निवासी हैं। इस मामले में साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून […]

देहरादून, 17 जनवरी 2026: उत्तराखंड के देहरादून में साइबर अपराधियों ने एक 81 वर्षीय बुजुर्ग दंपति को निशाना बनाते हुए ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 69 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित दंपति, भगवत नारायण झा (81 वर्ष) और उनकी पत्नी, गंगा नगर, ऋषिकेश के निवासी हैं। इस मामले में साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून में एफआईआर दर्ज की गई है।

 

पीड़ित भगवत नारायण झा ने अपनी शिकायत में बताया कि नवंबर 2025 में उन्हें एक फोन कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को ट्राईकोड सेल से बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स से जुड़े मामले में हो रहा है। अपराधियों ने उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ में होने का डर दिखाया और कहा कि उनके बैंक खाते और संपत्ति जब्त की जा सकती है।

 

अपराधियों ने पीड़ित को वीडियो कॉल पर पुलिस अधिकारी बनकर बात की और उन्हें अपने बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने दावा किया कि यह पैसे ‘सुरक्षित’ सरकारी खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं, जो जांच के बाद वापस कर दिए जाएंगे। इस तरह, अपराधियों ने विभिन्न बैंक ट्रांसफर के माध्यम से कुल 69 लाख रुपये ठग लिए।

 

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि अपराधी व्हाट्सएप चैट, फोन कॉल और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में रहे। उन्होंने पीड़ित को घर से बाहर न निकलने, किसी से बात न करने और लगातार निगरानी में रहने की धमकी दी। पीड़ित ने बताया कि अपराधियों ने उन्हें मुंबई पुलिस स्टेशन का नाम लेकर डराया और कहा कि उनके खिलाफ वारंट जारी है।

 

साइबर पुलिस स्टेशन देहरादून के अनुसार, यह ‘डिजिटल अरेस्ट’ का एक क्लासिक मामला है, जिसमें अपराधी सरकारी अधिकारियों का रूप धारण कर बुजुर्गों और अन्य कमजोर लोगों को निशाना बनाते हैं। पुलिस ने आईपीसी की धारा 419, 420, 465, 467, 468, 471 और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी अनिल कुमार, रैंक एसआई, इस मामले की जांच कर रहे हैं।

 

पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऐसे कॉलों पर विश्वास न करें और तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें। ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, और कोई भी अधिकारी फोन पर पैसे ट्रांसफर करने की मांग नहीं करता।

Also Read This

दून क्लब के हांडी रेस्टोरेंट में सड़ा खाना और कॉकरोच-चूहों का डेरा

औचक निरीक्षण में मिलीं गंभीर खामियां, खाद्य सामग्री नष्ट कर रेस्टोरेंट कराया बंद; 14 दिन का सुधार नोटिसदेहरादून, 13 अक्टूबर। नीरज उत्तराखंडी राजधानी देहरादून...

उत्तराखंड में गुटखा-पान मसाला पर एक साल का प्रतिबंध! बिक्री, निर्माण और भंडारण पर भी रोक

देहरादून: उत्तराखंड में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला और अन्य खाद्य उत्पादों पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।...

Related Posts