Dehradun News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार, 22 अक्टूबर को सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में करीब 26 प्रस्तावों पर मुहर लगी।
बैठक में आगामी विधानसभा सत्र में ₹7,412 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा निराश्रित और एकल महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना, दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में पांच अंकों की छूट, एससी-एसटी छात्रों की मुफ्त कोचिंग के लिए आय सीमा में बढ़ोतरी और खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा जैसी योजनाओं से जुड़े फैसले लिए गए।
बैठक सचिवालय में दोपहर करीब 3:55 बजे शुरू हुई। बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और राम सिंह कैड़ा शामिल नहीं हुए।
₹7,412 करोड़ का अनुपूरक बजट विधानसभा में होगा पेश
धामी कैबिनेट ने आगामी विधानसभा सत्र में ₹7,412 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करने को मंजूरी दी है। इस बजट के जरिए चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने का रास्ता तैयार होगा। बजट को विधानसभा के समक्ष पेश किया जाएगा।
मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी
राज्य की निराश्रित और एकल महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर सशक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। योजना के तहत पात्रता और सहायता राशि से संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से स्पष्ट की जानी होगी।
SC-ST छात्रों को मुफ्त कोचिंग, आय सीमा ₹8 लाख
कैबिनेट ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग देने की योजना में परिवार की वार्षिक आय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है।
- पहले आय सीमा: ₹2 लाख सालाना
- नई आय सीमा: ₹8 लाख सालाना
आय सीमा में इस बढ़ोतरी से अधिक विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में 5 अंकों की छूट
धामी कैबिनेट ने उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में दिव्यांग छात्र-छात्राओं को पांच अंकों की विशेष छूट यानी ग्रेस मार्क्स देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले का उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में अतिरिक्त सहूलियत उपलब्ध कराना है।
हरिद्वार में खुलेंगे दो नए निजी विश्वविद्यालय
उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हरिद्वार में दो नए निजी विश्वविद्यालय खोलने के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनमें आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय शामिल हैं। इन विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ेंगी।
मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा
उत्तराखंड के राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पदक या पुरस्कार जीतने वाले खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला लिया गया है।
इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने और उनकी प्रतिभा निखारने के लिए मुख्य खेल प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
धामी कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
कैबिनेट बैठक में कई अन्य प्रशासनिक, शैक्षिक और कानूनी प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
- उरेड़ा के ढांचे का पुनर्गठन: उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (UREDA) के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और पुनर्गठन को मंजूरी दी गई।
- बालिका आवासीय विद्यालय अपग्रेड होगा: ऊधमसिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को अपग्रेड कर हाईस्कूल का दर्जा देने पर सहमति बनी।
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारियों के सेवा नियम: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह-घ के कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई।
- स्टांप मामलों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना: स्टांप से संबंधित वादों के निस्तारण के लिए एकमुश्त समाधान योजना को मंजूरी दी गई।
- सड़क और पुल निर्माण की प्रक्रिया में बदलाव: प्रदेश में पुल और सड़क निर्माण की स्वीकृति के लिए अलग-अलग मंजूरी की जगह एक ही स्वीकृति से काम कराने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
- जौनसारी नाम की वर्तनी में सुधार: उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 में जनजातियों की सूची में दर्ज ‘जन्नासारी’ को ‘जौनसारी’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
- UCC संशोधन को मंजूरी: समान नागरिक संहिता (UCC) के प्रावधानों में लिपिकीय त्रुटियों को दूर करने के लिए संशोधन को मंजूरी दी गई।
महिलाओं, छात्रों और खिलाड़ियों पर धामी कैबिनेट का फोकस
22 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक में अनुपूरक बजट के साथ महिला कल्याण, शिक्षा, खेल, प्रशासनिक सुधार और कानूनी संशोधनों से जुड़े फैसले लिए गए। इन निर्णयों में एकल महिलाओं को आर्थिक सहायता, विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं और खिलाड़ियों को मुफ्त यात्रा देने जैसे प्रस्ताव प्रमुख रहे।






