देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेत्र रोग विभाग एवं दि हंस फाउंडेशन आई केयर के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण एमओयू साइन किया गया। इस समझौते के तहत श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ, दि हंस फाउंडेशन के डीएनबी प्रशिक्षणरत छात्र-छात्राओं को एडवांस्ड ट्रेनिंग प्रदान करेंगे।
इस एमओयू का उद्देश्य नेत्र चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करना तथा समाज में नेत्रदान महाअभियान को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देना है। इस पहल से आम लोगों में नेत्रदान के महत्व को लेकर जागरूकता बढ़ेगी और अधिक संख्या में लोग इस मानवता से जुड़ी मुहिम से जुड़ सकेंगे।
एमओयू पर श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की ओर से चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी, वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. यशपाल सिंह, नेत्र रोग विभागाध्यक्ष एवं आई बैंक की निदेशक डॉ. तरन्नुम शकील ने हस्ताक्षर किए। वहीं दि हंस फाउंडेशन आई केयर की ओर से डॉ. पंकज शर्मा ने दस्तखत किए।
- इस अवसर पर डॉ. तरन्नुम शकील ने कहा कि नेत्रदान ऐसा दान है, जिससे किसी व्यक्ति को केवल जीवन नहीं बल्कि नई दृष्टि प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि एक नेत्रदाता अपनी मृत्यु के बाद भी दो व्यक्तियों की जिंदगी रोशन कर सकता है। उन्होंने बताया कि समाज में नेत्रदान को लेकर कई भ्रांतियाँ और मिथक अभी भी मौजूद हैं जिन्हें दूर करने के लिए जागरूकता अभियानों को और तेज किया जाना आवश्यक है। अस्पताल और फाउंडेशन मिलकर इस दिशा में संयुक्त प्रयास करेंगे।



