सोने-चांदी की कीमतों में बंपर गिरावट, टूटे रिकॉर्ड

लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को अचानक जोरदार गिरावट दर्ज की गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी ने एक ही दिन में रिकॉर्ड स्तर की टूटन दिखाई, जबकि सोना भी भारी दबाव में नजर आया. मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के चलते दोनों कीमती धातुओं में तेज करेक्शन देखने को मिला.

चांदी में ऐतिहासिक गिरावट
MCX पर दोपहर करीब 3:40 बजे चांदी का वायदा भाव करीब 66 हजार रुपये टूटकर लगभग 3.34 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. यह गिरावट करीब 16.7 प्रतिशत की रही. इससे एक दिन पहले ही चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गई थी. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट चांदी के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी मानी जा रही है.

सोना भी नहीं बचा दबाव से
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई. MCX पर दोपहर 3:40 बजे सोना 10,954 रुपये टूटकर 1,58,449 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा. यह गिरावट करीब 6.47 प्रतिशत की रही. कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही सोने में बिकवाली का रुझान बना हुआ था.

मुनाफावसूली से बदला बाजार का रुख
विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया दिनों में सोने और चांदी में आई तेज तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया. ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद करेक्शन की आशंका पहले से जताई जा रही थी. जैसे-जैसे बिकवाली बढ़ी, कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई.

जनवरी में क्यों चढ़े थे दाम
जनवरी महीने के दौरान सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई को लेकर चिंता और भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों ने सोने को सुरक्षित निवेश के रूप में तरजीह दी. इस दौरान केंद्रीय बैंकों की बढ़ी हुई खरीद और संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी ने भी कीमतों को समर्थन दिया.

अंतरराष्ट्रीय तनाव का मिला था सहारा
अमेरिका, ईरान और इजराइल से जुड़े घटनाक्रमों ने भी सोने की कीमतों को मजबूती दी थी. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के परमाणु समझौते को लेकर दिए गए बयानों और संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंकाओं से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी, जिसका सीधा असर सोने की मांग पर पड़ा.

संस्थागत निवेश से बनी थी तेजी
हाल ही में एक बड़ी क्रिप्टो कंपनी के प्रमुख द्वारा अपने पोर्टफोलियो का बड़ा हिस्सा सोने में निवेश करने के संकेत दिए गए थे. इससे बाजार में सोने को लेकर सकारात्मक माहौल बना और कीमतों में तेजी और तेज हो गई.

लगातार उछाल के बाद आई यह गिरावट बाजार में करेक्शन के तौर पर देखी जा रही है. जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि में वैश्विक अस्थिरता के चलते सोने और चांदी की मांग बनी रह सकती है, लेकिन निकट भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की पूरी संभावना है.

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts