मेहमान परिंदों के कलरव से गूंजा गूलरभोज बौर जलाशय और हरिपुरा।

कुमाऊँ ब्यूरो रिपोर्ट विशाल सक्सेना 

जनपद उधम सिंह नगर पर्यटक स्थल गूलरभोज में सर्दियां शुरू होते ही हजारों मील का सफर तय कर प्रवासी पक्षी हरिपुरा और बौर जलाशय पहुंचे, जलाशयों में रेड क्रेस्टेड पोचार्ड पक्षी के कलरव गूंज रहे हैं, वन विभाग ने मेहमान पक्षियों की सुरक्षा के लिए चौकसी शुरू कर दी है, जलाशय के आसपास एंटी पोचिंग टीम तैनात की गई है, हर साल अक्टूबर-नवंबर में साइबेरिया और तिब्बत जैसे देशों से हज़ारों प्रवासी विदेशी पक्षी आते हैं, जो ठंड से बचने और भोजन की तलाश में हजारों किलोमीटर का सफर तय करते हैं, जिससे यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाता है और इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलता है, आगमन का समय अक्टूबर महीने से शुरू होकर सर्दियों के दौरान रहता है, आने वाले पक्षी सुरखाब (बार-हेडेड गूज), पिनटेल डक, नॉर्दर्न शवलर, मार्श हैरियर, गैडवॉल, पोचार्ड आदि आते हैं, इनका उत्पत्ति स्थान साइबेरिया, तिब्बत, मलेशिया, कजाकिस्तान, मंगोलिया, रूस और मध्य एशिया रहता है, प्रवासी पक्षी गूलरभोज के पास नानकसगार, तुमडिया डैम, हरिपुरा, बौर और बैगुल जैसे जलाशय स्थानों पर यह आते हैं।

यहां आने का कारण: भोजन और रहने के लिए उपयुक्त और सुरक्षित आवास की तलाश यह स्थान परिवर्तन करते रहते हैं, यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए पसंदीदा पड़ाव है और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देता है, यह क्षेत्र हर साल इन खूबसूरत पक्षियों का घर बनता है, जो अपनी लंबी यात्रा के बाद यहां आराम करने आते हैं।

वन विभाग इन जलाशयों के आसपास इको-टूरिज्म को विकसित करने का प्रयास कर रहा है ताकि पर्यटकों को पक्षियों को करीब से देखने का मौका मिले।

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