बड़ी खबर: सरकारी कर्मचारियों के नए नियम लागू, संपत्ति से लेकर बीमा एजेंट तक जानें क्या बदला!

देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण और संपत्ति से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण संशोधन नियमावली-2026 लागू कर दी है। नई नियमावली के तहत कर्मचारियों की चल और अचल संपत्ति खरीदने, संपत्ति का विवरण देने और परिवार के सदस्यों के बीमा एजेंट […]

देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण और संपत्ति से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण संशोधन नियमावली-2026 लागू कर दी है। नई नियमावली के तहत कर्मचारियों की चल और अचल संपत्ति खरीदने, संपत्ति का विवरण देने और परिवार के सदस्यों के बीमा एजेंट के रूप में काम करने से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किए गए हैं।

नई व्यवस्था के अनुसार, सरकारी कर्मचारी अपनी दो माह की बेसिक सैलरी से अधिक कीमत की चल संपत्ति खरीदने पर एक माह के भीतर नियुक्ति प्राधिकारी को सूचना देंगे। वहीं, अचल संपत्ति के लेन-देन में भी सूचना और पूर्व अनुमति से जुड़े नियम निर्धारित किए गए हैं।

24 साल बाद बदली कर्मचारी आचरण नियमावली

उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वर्ष 2002 में लागू कर्मचारी आचरण नियमावली में करीब 24 साल बाद संशोधन किया गया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में नियमावली के नियम-15 में बदलाव किए गए हैं। अपर सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत की ओर से जारी अधिसूचना के बाद सरकारी कर्मचारियों को संपत्ति संबंधी लेन-देन और पारिवारिक गतिविधियों से जुड़े नए प्रावधानों का पालन करना होगा।

दो माह की बेसिक सैलरी से महंगी चल संपत्ति खरीदने पर देनी होगी सूचना

नई नियमावली के तहत यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपनी दो माह की बेसिक सैलरी से अधिक कीमत की चल संपत्ति खरीदता है, तो उसे एक माह के भीतर इसकी सूचना अपने नियुक्ति प्राधिकारी को देनी होगी।

इसमें मोबाइल, टीवी और अन्य चल संपत्तियों की खरीद शामिल हो सकती है। हालांकि, यदि संपत्ति ऐसे व्यक्ति से खरीदी जाती है, जिसका सरकार के साथ लेन-देन का व्यावसायिक संबंध है, तो खरीद से पहले नियुक्ति प्राधिकारी की अनुमति लेना जरूरी होगा।

पहले इस संबंध में एक माह के वेतन या 5,000 रुपये, जो भी कम हो, के आधार पर नियम लागू था। नई व्यवस्था में सीमा को दो माह की बेसिक सैलरी से जोड़ा गया है।

अचल संपत्ति खरीदने पर क्या होंगे नियम?

नई नियमावली के तहत जमीन, मकान या अन्य अचल संपत्ति को खरीदने, पट्टे पर लेने, रेहन रखने या भेंट के रूप में प्राप्त करने पर उसकी सूचना नियुक्ति प्राधिकारी को देनी होगी, चाहे संपत्ति कर्मचारी के नाम पर हो या परिवार के नाम पर।

यदि अचल संपत्ति ऐसे व्यक्ति से ली जाती है, जिसका सरकार के साथ लेन-देन है, तो इसके लिए पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा। इस बदलाव के तहत अचल संपत्ति के लेन-देन में सूचना देने और पूर्व अनुमति लेने की शर्तें संबंधित परिस्थितियों के आधार पर लागू होंगी।

हर साल और पांच साल में देना होगा संपत्ति का विवरण

सरकारी कर्मचारियों के लिए संपत्ति का विवरण देने की समयसीमा भी निर्धारित की गई है। नई नियमावली के अनुसार:

  • समूह-क, ख और ग के कर्मचारी: प्रथम नियुक्ति के समय और इसके बाद हर वर्ष संपत्ति का विवरण देना होगा।
  • समूह-घ के कर्मचारी: प्रथम नियुक्ति के समय और इसके बाद प्रत्येक पांच वर्ष में संपत्ति का विवरण नियुक्ति प्राधिकारी को देना होगा।

इस व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को अपनी संपत्ति संबंधी जानकारी निर्धारित समय पर उपलब्ध करानी होगी।

सरकारी कर्मचारी के जिले में आश्रित नहीं बन सकेंगे बीमा एजेंट

नई नियमावली में बीमा एजेंसी से जुड़ा प्रावधान भी शामिल किया गया है। इसके अनुसार, सरकारी कर्मचारी के जिले में उसकी पत्नी या आश्रित व्यक्ति बीमा एजेंट के रूप में काम नहीं कर सकता। इस प्रावधान का उद्देश्य सरकारी सेवा से जुड़े हितों और संभावित हितों के टकराव को लेकर नियम निर्धारित करना है।

कर्मचारियों को किन बातों का रखना होगा ध्यान?

नई आचरण संशोधन नियमावली-2026 लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों को संपत्ति खरीदने से पहले यह देखना होगा कि संबंधित लेन-देन के लिए केवल सूचना देना पर्याप्त है या पूर्व अनुमति लेना जरूरी है। इसके साथ ही चल संपत्ति की कीमत, अचल संपत्ति के लेन-देन और निर्धारित अवधि में संपत्ति का विवरण देने संबंधी नियमों का पालन करना होगा।

नए प्रावधानों के तहत नियुक्ति प्राधिकारी को समय पर सूचना देना और जहां आवश्यक हो, पहले अनुमति लेना महत्वपूर्ण होगा।

Also Read This

क्राइम : देहरादून में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ , महिला समेत 4 गिरफ्तार

देहरादून: राजधानी देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र में पुलिस ने कथित देह व्यापार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। संस्कृति लोक कॉलोनी की लेन...

बड़ी खबर : देहरादून में RTI के नाम पर ब्लैकमेलिंग का खेल । सहायक अभियंता ने एसएसपी को दी शिकायत

देहरादून: उत्तराखंड में सूचना का अधिकार (RTI) के नाम पर कथित ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। नई टिहरी के सिंचाई खंड के अंतर्गत...
Parvatjan Team
Parvatjan Team
Parvatjan Team is dedicated to delivering the latest, accurate, and reliable news from Uttarakhand. We cover local issues, administrative updates, public interest stories, and breaking news in a clear and simple manner.

Related Posts