धान की खरीद थमी तो किसानों का टूटा सब्र– लगा दी आग

उत्तराखंड के किच्छा क्षेत्र में किसान इस समय बेहद कठिन हालात से जूझ रहे हैं। सरकारी क्रय केंद्रों की लिमिट पूरी हो जाने के बाद करीब 18 दिनों से धान की खरीद नहीं हो पा रही है। स्थिति यह हो गई कि दरऊ गांव के एक किसान ने नाराज होकर क्रय केंद्र पर रखे धान के ढेर में आग लगा दी। आसपास मौजूद किसानों ने किसी तरह आग बुझाई। इसके बाद गुस्साए किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे और खरीद तुरंत शुरू करने की मांग की।
दरऊ के चंद्रपाल की बेटी की शादी सिर्फ 15 दिनों बाद होनी है। बेटी के विवाह की तैयारी के लिए पैसे की जरूरत है, लेकिन एक महीने से धान बिक न पाने की वजह से वह बुरी तरह परेशान हैं। बेचैनी और निराशा में चंद्रपाल ने केंद्र पर पहुंचकर धान में आग लगा दी। किसानों का कहना है कि गांव में कांटा लगा था लेकिन महज नौ दिनों तक ही खरीद हुई और लिमिट खत्म होने के बाद केंद्र प्रभारी ने हाथ खड़े कर दिए हैं। केंद्र पर 4500 क्विंटल के आसपास धान खरीदा जा चुका है जबकि हजारों क्विंटल धान किसानों का और पड़ा है।
इसी बीच किच्छा के पटेरी गांव में रहने वाले कारगिल युद्ध में देश की रक्षा कर चुके पूर्व सैनिक गुरनाम सिंह भी पिछले 20 दिनों से अपने 70 क्विंटल धान की बारी का इंतजार करते हुए रोज क्रय केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। गुरनाम का कहना है कि इंतजार में उनका बाकी कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
किच्छा मंडी में कुल करीब 500 क्विंटल धान फिलहाल खरीद के इंतजार में पड़ा है। वहीं पंतनगर के लीज होल्डर दिनेश मंडल ने इंतजार छोड़कर मजबूरी में अपना 900 क्विंटल धान व्यापारी को 1910 रुपये क्विंटल के भाव पर बेच दिया।
एसडीएम गौरव पांडे ने बताया कि पूरा मामला आरएफसी को भेज दिया गया है। लिमिट बढ़ते ही खरीद फिर से शुरू कराई जाएगी।

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