सोमवार शाम लालकिला मेट्रो स्टेशन के बाहर एक खड़ी वाहन में जोरदार धमाका हुआ, जिससे इलाके में भय और अफरातफरी फैल गई। इस घटना में प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार 9 लोग मृत्यु हो गए तथा कई नागरिक जख्मी हुए। घायलों को तत्काल रूप से केन्द्रीय अस्पताल Lok Nayak Jai Prakash (LNJP) में भर्ती कराया गया है जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकर्मी मौके पर पहुंच गए। विस्फोट के बाद कम-से-कम तीन से चार वाहनों में आग लगने की सूचना है और आसपास खड़ी अन्य गाड़ियों के शीशे भी टूट गए। स्थानीय लोगों तथा परिचारकों ने बताया कि उस समय आसपास भारी भीड़ मौजूद थी, जिससे दृश्य और भी भयावह बन गया।
पुलिस ने घटनास्थल की चारों तरफ जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक तथा तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें घटनास्थल पर भेजी जा रही हैं ताकि विस्फोट के प्रकार और कारण का त्वरित विश्लेषण किया जा सके। साथ ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) तथा संबंधित राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थान से सहयोग के लिए टीमों को तैनात करने की जानकारी भी मिली है। जांच पड़ताल में फोरेंसिक, तकनीकी और सुरक्षा एजेंसियाँ मिलकर सबूत-पेचानों और जगह के सर्वे पर काम कर रही हैं।
घटना के तुरंत बाद राजधानी में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और पूरे दिल्ली को हाई-अलर्ट पर रखा गया है। मुंबई सहित अन्य बड़े शहरों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है; कुछ स्थानों पर अतिरिक्त तलाशी और गश्त के आदेश जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल विस्फोट के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है — यह भी देखा जा रहा है कि घटना किसी तकनीकी खराबी (जैसे CNG/ईंधन संबन्धी विस्फोट) की वजह से हुई है या इसमें किसी विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ है। सभी बिंदुओं पर जांच जारी है।
दमकल विभाग ने बताया कि आग बुझाने और बचाव कार्य के लिये कई फायर टेंडर मौके पर भेजे गए; जल्द ही आग पर काबू पा लिया गया। अस्पताल स्रोतों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और प्राथमिक जीवन-रक्षा सम्बंधी उपचार जारी हैं। सुरक्षा एजेंसियाँ आसपास के क्षेत्रों में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और वाहन के मालिक/स्थानीय परिचितों के विवरण जुटा रही हैं।



