एक्सक्लूसिव: सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का

भूपेंद्र कुमार

मानवाधिकार एवं आरटीआई कार्यकर्ता भूपेंद्र कुमार ने बिना हेलमेट पहने खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते पुलिसकर्मियों की शिकायत पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था एवं वरिष्ठ पुलिस पुलिस अधीक्षक देहरादून से की है।
मानवाधिकार कार्यकर्ता भूपेंद्र कुमार ने कहा है कि एक तरफ तो यातायात नियमों में बदलाव के कारण अत्यंत सख्ती हो गई है और वहीं दूसरी तरफ कुछ पुलिसकर्मी खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सवाल यह है कि जब यातायात के नियमों का पालन कराने वाले ही यातायात नियमों का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता एवं नियमानुसार चलने वाले पुलिसकर्मियों पर भी इसका प्रभाव ठीक नहीं पड़ेगा।


भूपेंद्र कुमार ने खुलेआम यातायात नियमों की धज्जियां व मखौल उड़ाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध चालानी एवं विभागीय कार्यवाही करने की मांग की है, ताकि नियमों का पालन करने वाले पुलिसकर्मियों एवं आम जनता के बीच इसका अच्छा संदेश जा सके।
भूपेंद्र कुमार सवाल उठाते हुए कहते हैं कि जहां हाईकोर्ट ने किसी भी निजी वाहन पर पदनाम पट्टिका लिखने के लिए सख्त मनाही की हुई है, वहीं पुलिस कर्मी अपने निजी दोपहिया व चौपहिया वाहनों पर पुलिस का निशान, पुलिस लिखकर धड़ल्ले से घूम रहे हैं। यही नहीं एक कार संख्या यूके07बीक्यू 2544 पर तो साइबर ट्रेनर उत्तराखण्ड पुलिस तक बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा गया है। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल पर नंबर प्लेट की जगह पुलिस लिखा गया है। इसे सीधे-सीधे अनुशासनहीनता के दायरे में नहीं कहा जाए तो और क्या कहें?


इसके अलावा उन्होंने पुलिस मुख्यालय उत्तराखंड एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से आरटीआई के माध्यम से भी उक्त पुलिसकर्मियों की पूर्ण जानकारी मांगी है।

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