एसजीआरआर विश्वविद्यालय को मिला “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” अवार्ड

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआर) को महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित स्थिरता शिक्षा प्रशिक्षण के तहत “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह प्रशिक्षण आईसीटी अकादमी और हनीवेल वेंचर की सीएसआर पहल के तहत एसजीआरआर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एवं कॉमर्स स्टडीज के सेमिनार हॉल में स्नातक छात्राओं के लिए आयोजित […]

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआर) को महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित स्थिरता शिक्षा प्रशिक्षण के तहत “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह प्रशिक्षण आईसीटी अकादमी और हनीवेल वेंचर की सीएसआर पहल के तहत एसजीआरआर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एवं कॉमर्स स्टडीज के सेमिनार हॉल में स्नातक छात्राओं के लिए आयोजित किया जा रहा है।

13 मार्च तक चलेगा प्रशिक्षण

27 फरवरी से शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ट्रेनर सतपाल कलसी ने वैश्विक चुनौतियों के मद्देनजर स्थिरता शिक्षा (Sustainability Education) की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आईपीसीसी (Intergovernmental Panel on Climate Change) ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल वार्मिंग को औद्योगिक क्रांति-पूर्व स्तर से 1.5°C तक सीमित रखने के लिए त्वरित कदम उठाने होंगे।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने भी पर्यावरणीय खतरों को वैश्विक स्थिरता के लिए प्रमुख चुनौती बताया है। रिपोर्ट के अनुसार, 10 लाख प्रजातियां मानव गतिविधियों के कारण विलुप्ति के कगार पर हैं। ऐसे में पारिस्थितिक, सामाजिक और आर्थिक प्रणालियों के परस्पर संबंध को समझना विद्यार्थियों के लिए आवश्यक हो गया है।

रोजगार के नए अवसर

स्थिरता शिक्षा से रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। शोध के अनुसार, 86% नियोक्ता इसे महत्वपूर्ण मानते हैं। साथ ही, कंपनियां भी स्थिरता पहलों के वित्तीय लाभ को स्वीकार कर रही हैं, जिससे आर्थिक प्रदर्शन और शेयर बाजार में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

आईसीटी अकादमी और हनीवेल ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्थिरता अध्ययन में प्रशिक्षित करने की एक नई पहल शुरू की है, जिससे वे वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकें।

सम्मानित हुए विश्वविद्यालय के अधिकारी

इस अवसर पर एसजीआरआर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. कुमुद सकलानी, रजिस्ट्रार लोकेश गंभीर, सलाहकार प्रो. जे.पी. पचौरी, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. दिब्या जुयाल, डीन एसएमसीएस प्रो. सोनिया गंभीर, प्रो. विपुल जैन, डा. दीप्ति, डा. ममता बंसल, डा. मोनिका बंगारी, ईशा शर्मा एवं आईसीटी अकादमी के प्रतिनिधि आदित्य कुमार भी उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया, जिन्होंने महिला सशक्तिकरण और स्थिरता शिक्षा के महत्व को समझते हुए इसे अपने करियर में अपनाने का संकल्प लिया।

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