इंजीनियरिंग कॉलेज में भर्ती घोटाला। आंदोलन पर नॉन टीचिंग स्टाफ

टीएचडीसी हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में भर्तियों में की गई व्यापक अनियमितताओं और निदेशक द्वारा नॉन टीचिंग स्टाफ के साथ की गई अभद्रता के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है।
 आंदोलनकारियों का कहना है कि नॉन टीचिंग और पर्सनल असिस्टेंट तथा टेक्निकल असिस्टेंट की भर्तियों में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई है, जिनकी जांच बेहद जरूरी है।
आंदोलनकारियों ने इसमें तथ्य गिनाते हुए कहा कि पर्सनल असिस्टेंट में टाइपिंग टेस्ट अनिवार्य होता है लेकिन कोई भी टाइपिंग टेस्ट नहीं लिया गया।
 सूचना के अधिकार में व्यापक अनियमितताओं का खुलासा हुआ है।
 इसके साथ ही साथ टेक्निकल असिस्टेंट में सोहनलाल पेटवाल की हाई स्कूल सर्टिफिकेट के अनुसार उम्र 44 साल है। तथा उनके अनुभव में भी 10 साल का फर्जी सर्टिफिकेट दिया गया है, क्योंकि संबंधित विभाग ने आरटीआई में लिखित जानकारी दे है और कहा है कि सोहनलाल पेटवाल को व्यक्ति विशेष ने प्रमाण पत्र दिया है। जाहिर है कि यह एक भारी अनियमितता है।
 नॉन टीचिंग स्टाफ में इस बात को लेकर भी भारी गुस्सा है कि संस्थान के निदेशक ने उन्हें मिलने के लिए कभी भी टाइम नहीं दिया, जिससे वे अपनी समस्या निदेशक को नहीं बता पाए जबकि निदेशक फैकल्टी से बराबर मिलते रहते हैं।
 इसके साथ ही जब उन्होंने संस्थान में हुए भर्ती घोटाले को लेकर सहायक कुलसचिव से जानकारी ली तो सहायक कुलसचिव ने कोई भी जानकारी होने से इंकार कर दिया जबकि भर्तियों की विज्ञप्ति जारी करने से लेकर आवेदन पत्र आमंत्रित करने तक का सभी कार्य सहायक कुलसचिव ने ही किया है।
 टीचिंग स्टाफ इन सभी अनियमितताओं का संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करने की मांग करते हुए आंदोलन पर बैठ गए हैं।

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