देहरादून, 1 अक्टूबर 2026। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत डॉल्फिन (पीजी) इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज (डीआईबीएनएस), मांडूवाला में “मेरा स्वास्थ्य, मेरा गर्व” थीम पर हेल्थ वॉक/रन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली के लिए प्रेरित करना रहा।
यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में संचालित “100 Weeks नशा मुक्त युवा अभियान” के अंतर्गत आयोजित किया गया।
नशा मुक्ति की शपथ के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक श्री वी.के. नागपाल ने विद्यार्थियों और एनएसएस स्वयंसेवियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाकर की।
शपथ ग्रहण के बाद डीआईबीएनएस, मांडूवाला और आसपास के क्षेत्र में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के दौरान एनएसएस स्वयंसेवियों ने नशा मुक्त भारत के नारे लगाए और स्थानीय लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।
5 किलोमीटर दौड़ में युवाओं ने लिया हिस्सा
जागरूकता रैली के समापन के बाद 5 किलोमीटर की दौड़ आयोजित की गई। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज कुमार बैंसला और डॉ. रेणु पांडे ने संयुक्त रूप से झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया।
दौड़ में विद्यार्थियों और एनएसएस स्वयंसेवियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्वस्थ युवा ही विकसित भारत की आधारशिला
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्राचार्या डॉ. शैलजा पंत और IQAC समन्वयक डॉ. श्रुति शर्मा ने विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवियों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ और जागरूक युवा ही विकसित भारत की आधारशिला हैं।
कार्यक्रम में डॉ. युक्ति गुप्ता की भी उपस्थिति रही। एनएसएस इकाई-1 और इकाई-2 के स्वयंसेवियों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करनाथा।


