आरएसएस के सिपाही से लेकर मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे त्रिवेंद्र रावत

देहरादून। संघ के खांटी नेता के रूप में पहचाने जाने वाले त्रिवेंद्र सिंह रावत आज उत्तराखण्ड के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। रावत तीसरी बार डोईवाला से विधायक चुने गए हैं। 20 दिसंबर 1960 को पौड़ी गढ़वाल के खैरासैंण (जयहरीखाल) में फौजी परिवार में जन्में त्रिवेंद्र रावत ने पत्रकारिता से […]

देहरादून। संघ के खांटी नेता के रूप में पहचाने जाने वाले त्रिवेंद्र सिंह रावत आज उत्तराखण्ड के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। रावत तीसरी बार डोईवाला से विधायक चुने गए हैं।
20 दिसंबर 1960 को पौड़ी गढ़वाल के खैरासैंण (जयहरीखाल) में फौजी परिवार में जन्में त्रिवेंद्र रावत ने पत्रकारिता से पीजी की पढ़ाई की है। वह 19 साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े। दो साल बतौर स्वयं सेवक संघ की शाखाओं में नियमित रूप से गए और वर्ष 1981 में संघ की नीतियों से इस कदर प्रभावित हुए कि उन्होंने बतौर प्रचारक का काम करने का संकल्प लिया। रावत 1985 में भाजपा के देहरादून महानगर के प्रचारक बनें।
रावत 1983 से 2002 तक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं और वर्ष 1993 में संघ की ओर से उन्हें भारतीय जनता पार्टी में संगठन मंत्री का दायित्व दिया गया। 1997 से 2002 तक प्रदेश संगठन मंत्री रहते हुए इस दौरान सम्पन्न सभी विधानसभा, लोकसभा एवं विधान परिषद के चुनाव में भाजपा को अभूतपूर्व सफलता मिली। इसके बाद राज्य आंदोलन में भी त्रिवेंद्र रावत की अहम भूमिका रही। वह कई बार गिरफ्तार हुए और जेल भी गए। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड अलग राज्य बनाये जाने के बाद पहली बार 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में डोईवाला से जीत दर्ज की। उन्होंने जीत का सिलसिला बरकरार रखा और 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में डोईवाला से एक बार फिर विजयी हुए। 2007 से 2012 तक बीजेपी सरकार में कृषि मंत्री रहे। 2012 के विधानसभा चुनाव में वह रायपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़े और हार गए। 2014 में डोईवाला सीट पर हुए उपचुनाव में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
भाजपा राष्ट्रीय नेतृत्व ने माह अक्टूबर 2014 में उन्हें झारखंड का प्रदेश प्रभारी बनाया गया। इन्हीं के नेतृत्व में झारखंड में भाजपा ने पहली बार पूर्ण बहुमत से जीत दर्ज कर सरकार बनाई और जब से आजतक उन्होंने झारखंड के प्रभारी के रूप में अपने दायित्वों का सफल निर्वहन कर पार्टी को मजबूत बनाये रखा। एक बार फिर रावत को केन्द्रीय नेतृत्व ने नमामि गंगे समिति के राष्ट्रीय संयोजक के पद से नवाजा। विधानसभा चुनाव 2017 में रावत तीसरी बार डोईवाला विधानसभा से रिकार्ड 24869 मतों से विजयी होकर विपक्षी कांग्रेस के हीरा सिंह बिष्ट को पराजित किया। और 17.03.2017 को विधान मण्डल दल के नेता चुने जाने के बाद वे आज अपराह्न 3.30 बजे उत्तराखण्ड के 9वें मुख्यमंत्री पद की सपथ लेंगे। नयी सरकार के गठन के लिए शपथ ग्रहण समारोह में आज देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी सिरकत करेंगे।

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