आजादी के 70 साल बाद बिजली की रोशनी से जगमगाएगा ‘रतगांव’!

चमोली के थराली ब्लॉक का दूरस्थ क्षेत्र रतगांव देश की आजादी के सात दशक बाद बिजली से रोशनी से जगमगाएगा। इस खबर गांव वालों का खुशी का ठिकाना नहीं है। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड ‘यूपीसीएल’ के उच्चाधिकारियों को रतगांव में बिजली पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपीसीएल अधिकारियों के अनुसारइस कार्य को करने के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। निविदा खोलने के उपरांत 28 फरवरी तक विद्युतीकरण का कार्य आवंटित कर दिया जाएगा। उपरोक्त गांव में आगामी जून तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। यूपीसीएल गांव को केंद्र पोषित दीन दयाल ग्राम ज्योति विद्युतीकरण योजना के जरिए बिजली से रोशन करने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
दरअसल क्षेत्र के निवासी प्रदीप सिंह फस्र्वाण ने बीती ७ फरवरी को मुख्यमंत्री के मोबाइल एप पर रतगांव की जनसमस्याओं के संबंध में शिकायत दर्ज की थी। शिकायत में कहा गया था कि आजादी के 70 साल बाद भी विकासखंड थराली के अंतर्गत दूरस्थ क्षेत्र रतगांव में रह रहे 400 से अधिक परिवार आज भी बिजली की रोशनी से वंचित हैं। राज्य गठन से पहले व बाद में गांव को विद्युतीकरण को लेकर शासन प्रशासन से लगातार मांग की जाती रही है। इतनी बड़ी आबादी वाले इस गांव में अब तक बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। इस पर सीएम के निर्देश पर इस पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
यूपीसीएल के अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि रतगांव में प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द बिजली पहुंचाई जाए। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड में आज भी दर्जनों ऐसे गांव हैं, जहां लोगों ने बिजली की रोशनी नहीं देखी है। स्थानीय लोग रात्रि के समय प्राकृतिक साधनों (चीड़ व भिंवल के छिल्ले जलाकर) से बिजली के विकल्प के रूप में काम चलाते हैं। अंधेरे में इसके चलते जंगली जानवरों से कई बार उन्हें अपनी जान तक गंवानी पड़ती है।
देखना यह है कि रतगांव जैसे उन अनेक गांवों में भी बिजली की रोशनी कब तक पहुंच पाती है और अंधेरे में जीने को मजबूर लोगोंं को 21वीं सदी का एहसास कब तक हो पाता है।

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