पिथौरागढ़। जिला न्यायालय के आदेश के बाद पिथौरागढ़ के पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) लोकेश्वर सिंह के खिलाफ कोतवाली पिथौरागढ़ में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन पर एक व्यापारी के साथ मारपीट, धमकी और अवैध तरीके से प्रताड़ित करने सहित कई आरोप लगाए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद मामले ने प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल बढ़ा दी है।
लोकेश्वर सिंह 2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में हरिद्वार, देहरादून, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ और पौड़ी जैसे कई जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। वे पौड़ी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रहते हुए वर्ष 2025 में संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध एक अंतरराष्ट्रीय संगठन के लिए चयनित हुए थे। इसी के बाद उन्होंने अक्टूबर 2025 में पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया था।
क्या है पूरा मामला
मामला पिथौरागढ़ के व्यापारी लक्ष्मी दत्त जोशी से जुड़ा है। व्यापारी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि पुलिस क्वार्टर का गंदा पानी उनकी कॉलोनी में बह रहा था, जिससे स्थानीय लोगों को गंभीर परेशानी हो रही थी। इसी शिकायत को लेकर वे 6 फरवरी 2023 को अपनी बेटी के साथ तत्कालीन एसपी कार्यालय पहुंचे थे।
व्यापारी का आरोप है कि शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचने पर उनके साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट की गई। आरोप यह भी है कि उन्हें कथित रूप से निर्वस्त्र कर पीटा गया और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। घटना के बाद मेडिकल परीक्षण में उनके शरीर पर चोटों की पुष्टि भी हुई थी।
व्यापारी ने आगे बताया कि जब उन्होंने इस घटना की शिकायत कोतवाली में दर्ज कराने की कोशिश की, तो वहां उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।
अदालत का आदेश
मामले की सुनवाई करते हुए पिथौरागढ़ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सिंह की अदालत ने 7 अप्रैल 2026 को आदेश जारी किया। अदालत ने तत्कालीन एसपी लोकेश्वर सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं—323, 342, 355, 504, 506, 392 और 120बी—के तहत मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया।
मिली जानकारी के अनुसार ,अदालत के आदेश के अनुपालन में कोतवाली पिथौरागढ़ में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पूर्व उच्च पुलिस अधिकारी के खिलाफ अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद यह मामला अब राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




