नई दिल्ली | सरकारी कर्मचारी न्यूज़
केंद्रीय कर्मचारियों के लिए गठित आठवां वेतन आयोग (8th Pay Commission) अब एक्शन मोड में आ चुका है और विभिन्न कर्मचारी संगठनों की मांगें सामने आने लगी हैं।
इसी कड़ी में ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) ने सरकार और वेतन आयोग के सामने अपनी अहम मांगों की सूची पेश की है, जिससे लाखों कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिल सकता है।
OPS में वापसी का विकल्प देने की मांग
फेडरेशन की सबसे बड़ी मांग यह है कि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का विकल्प दिया जाए।
संगठन का कहना है कि कई कर्मचारी वर्षों से इस मांग को उठा रहे हैं और अब वेतन आयोग को इस पर ठोस निर्णय लेना चाहिए।
रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने का प्रस्ताव
इसके अलावा, कर्मचारी संगठन ने केंद्र सरकार के शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग भी की है। उनका तर्क है कि इससे अनुभवी शिक्षकों का लाभ लंबे समय तक शिक्षा व्यवस्था को मिल सकेगा।
सैलरी बढ़ाने को लेकर भी बड़ी मांगें
AINPSEF ने वेतन संरचना में बड़े बदलाव की मांग करते हुए 3.833 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की बात कही है। साथ ही न्यूनतम मूल वेतन 69,000 रुपये करने और सभी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 6% से 7% की वार्षिक वेतन वृद्धि का प्रस्ताव भी रखा गया है।
UT और स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों को भी लाभ
संगठन ने यह भी मांग की है कि केंद्र सरकार द्वारा जारी सभी आदेशों का लाभ केवल केंद्रीय कर्मचारियों तक सीमित न रहे, बल्कि केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) और स्वायत्त निकायों (CAB) के कर्मचारियों को भी शामिल किया जाए।
क्यों उठ रही हैं ये मांगें?
फेडरेशन के अध्यक्ष के अनुसार, NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंताएं हैं। उन्होंने बताया कि संगठन पहले NPS को पूरी तरह खत्म करने की मांग कर चुका है, लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी। ऐसे में अब OPS में विकल्प देने की मांग को प्राथमिकता दी जा रही है।
8वें वेतन आयोग के सामने आई ये मांगें आने वाले समय में लाखों केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और आयोग इन प्रस्तावों पर क्या फैसला लेते हैं।




