देहरादून, मई 2026
रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
जनपद में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा की भावना कायम रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने दो कुख्यात अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए दो आदतन अपराधियों को छह माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं।
जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल द्वारा पारित आदेश के अनुसार विकासनगर क्षेत्र के दो अपराधियों—आसिफ पुत्र राशिद और राहुल कश्यप पुत्र गोपाल कश्यप—को जनपद देहरादून की सीमा से छह माह तक बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून और कोतवाली विकासनगर से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस अभिलेखों के अनुसार दोनों आरोपियों पर शस्त्र अधिनियम, चोरी, लूट, आबकारी अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता एवं भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
आसिफ निवासी मुस्लिम बस्ती, विकासनगर के विरुद्ध आर्म्स एक्ट और लूट से जुड़े कई मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं राहुल कश्यप निवासी जीवनगढ़, विकासनगर पर चोरी, शस्त्र अधिनियम और आबकारी से संबंधित कई मामले दर्ज बताए गए हैं।
प्रशासनिक रिपोर्ट में दोनों आरोपियों की छवि क्षेत्र में दुस्साहसी और समाज के लिए खतरा मानी गई है। आम लोगों में इनके प्रति भय का माहौल होने तथा शिकायतकर्ता व गवाहों के आगे आने में हिचकिचाहट की बात भी सामने आई।
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने दोनों को नोटिस जारी कर पक्ष रखने का अवसर दिया, लेकिन पर्याप्त समय मिलने के बावजूद वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए और न ही कोई आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों और आपराधिक इतिहास के आधार पर न्यायालय ने दोनों को गुंडा घोषित करते हुए जिला बदर का आदेश पारित किया।
आदेश के तहत दोनों आरोपी बिना सक्षम अनुमति के जनपद देहरादून में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। उन्हें अपने निवास स्थान की सूचना संबंधित थाना और न्यायालय को देना अनिवार्य होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने वाले और समाज में भय का वातावरण पैदा करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




