बड़ी खबर: 23 मदरसों पर बड़ा एक्शन, DM ने रोकी सरकारी सहायता राशि

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में मदरसों में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। प्राथमिक जांच में गड़बड़ियां मिलने के बाद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने 23 मदरसों की सरकारी सहायता राशि तत्काल प्रभाव से रोक दी है। इन मदरसों में लक्सर क्षेत्र के सुल्तान गांव के छह मदरसे भी शामिल हैं।इनके खिलाफ […]

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में मदरसों में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है।
प्राथमिक जांच में गड़बड़ियां मिलने के बाद जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने 23 मदरसों की सरकारी सहायता राशि तत्काल प्रभाव से रोक दी है।

इन मदरसों में लक्सर क्षेत्र के सुल्तान गांव के छह मदरसे भी शामिल हैं।इनके खिलाफ शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच कराई गई, जिसमें कई अनियमितताएं सामने आईं।

सरकार की ओर से मदरसों को मिड-डे मील समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ और आर्थिक सहायता दी जाती है।
लेकिन हाल के दिनों में गड़बड़ियों की शिकायतें बढ़ने पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर मदरसों की जांच शुरू की गई थी।

इसी क्रम में जिलाधिकारी के निर्देश पर 19 अप्रैल को मदरसों की निगरानी के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया।
मदरसा संचालकों को रोजाना बच्चों की उपस्थिति और मिड-डे मील की फोटो ग्रुप में साझा करने के निर्देश दिए गए थे।

प्रशासन के मुताबिक दस दिन तक चली मॉनिटरिंग के दौरान चार मदरसों ने कोई रिपोर्ट ही नहीं भेजी।
इसके अलावा वित्तीय वर्ष की रिपोर्ट तैयार करते समय तीन मदरसों ने योजनाओं से संबंधित डाटा उपलब्ध नहीं कराया।

लक्सर विधायक मोहम्मद शहजाद की शिकायत पर सुल्तान गांव में संचालित छह मदरसों की जांच कराई गई।
जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए सहायता राशि पर रोक लगा दी।

 14 मदरसों की भूमिका पर उठे सवाल

जांच में 14 मदरसों की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध मानी जा रही है।
इनमें 10 मदरसे ऐसे हैं जिन्होंने प्रशासनिक सख्ती के बाद बंदी का नोटिस दे दिया, जबकि चार मदरसे व्हाट्सएप मॉनिटरिंग ग्रुप में रिपोर्ट नहीं भेज रहे थे।

प्रशासन को आशंका है कि सरकारी योजनाओं की राशि में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया हो सकता है।
जांच के डर से कुछ संचालकों द्वारा मदरसे बंद करने की कोशिश भी की जा रही है।

जांच के लिए बनाई गई संयुक्त समिति

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मदरसों की विस्तृत जांच के लिए संयुक्त समिति गठित की है।
इस समिति में जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) अमित कुमार चंद, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी और संबंधित एसडीएम या तहसीलदार को शामिल किया गया है।

DM मयूर दीक्षित ने कहा कि जिन मदरसों में अनियमितताएं पाई जाएंगी, उन्हें बंद किया जाएगा। सिर्फ वही मदरसे संचालित करने की अनुमति दी जाएगी जो सभी मानकों का पालन करेंगे।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले के मदरसा संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि जांच के बाद और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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