बड़ी खबर: मदरसों का बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर! 11 मदरसों में 206 बच्चों के फर्जी पंजीकरण पकड़े

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में मदरसों की जांच के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पीएम पोषण योजना के तहत संचालित मदरसों की प्रारंभिक जांच में 11 मदरसों में 206 से अधिक बच्चों के फर्जी पंजीकरण पाए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ बच्चों को एक ही समय में अलग-अलग मदरसों में छात्र के रूप में दर्ज किया गया था।

मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। विभाग ने संबंधित मदरसों की पीएम पोषण योजना की धनराशि रोक दी है और अब विस्तृत जांच की तैयारी की जा रही है।

लक्सर में 3 मान्यता पर चल रहे थे 6 मदरसे

जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला लक्सर क्षेत्र में सामने आया। अधिकारियों के अनुसार तीन मदरसों की मान्यता के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर कुल छह मदरसे संचालित किए जा रहे थे।

प्रशासन ने जिले के 131 मदरसों की प्रारंभिक जांच कराई थी, जिसमें 23 मदरसे संदिग्ध पाए गए हैं। फिलहाल 11 मदरसों की मार्च और अप्रैल माह की पीएम पोषण योजना की धनराशि पर रोक लगा दी गई है।

सरकारी धनराशि लेने के लिए बढ़ाई छात्र संख्या

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक कुछ मदरसों में वास्तविक संख्या से अधिक छात्रों का रिकॉर्ड तैयार किया गया था, ताकि पीएम पोषण योजना के तहत अधिक सरकारी धन प्राप्त किया जा सके।

जानकारी के अनुसार:

  • कक्षा 1 से 5 तक प्रति छात्र लगभग ₹7 प्रतिदिन
  • कक्षा 6 से 8 तक प्रति छात्र लगभग ₹10 प्रतिदिन

भोजन मद के तहत दिए जाते हैं। आरोप है कि इसी योजना का लाभ लेने के लिए फर्जी छात्र संख्या दिखाई गई।

एक ही बच्चा कई मदरसों में दर्ज

प्रारंभिक जांच के दौरान दस्तावेज, उपस्थिति पंजिका और छात्र संख्या में भारी अंतर पाया गया।

कुछ मदरसों में दर्ज बच्चों के नाम दूसरे मदरसों की सूची में भी मिले। इससे साफ संकेत मिला कि सरकारी रिकॉर्ड में एक ही बच्चे को कई जगह दिखाकर धनराशि लेने का प्रयास किया गया।

शिक्षा विभाग अब संबंधित मदरसों के संचालन, मान्यता, बैंक खातों और छात्र उपस्थिति का गहन सत्यापन कराने की तैयारी में जुट गया है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में फर्जीवाड़ा प्रमाणित होता है, तो संबंधित मदरसा संचालकों के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मदरसा संचालकों को दिए गए दिशा-निर्देश

इसी बीच सुल्तानपुर स्थित जशोधरपुर गांव के केजीएन हाईस्कूल में शनिवार को मदरसा संचालकों की बैठक आयोजित की गई।

अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह ने मदरसा संचालकों को मान्यता संबंधी नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि सभी मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता लेकर ही संचालित किया जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी बताया कि धार्मिक शिक्षा के लिए अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से भी मान्यता ली जा सकती है।

डीईओ बेसिक अमित चंद ने कहा कि जिले के सभी मदरसों की चरणबद्ध तरीके से जांच की जा रही है। जिन संस्थानों में गड़बड़ी मिली है, उनकी पीएम पोषण योजना की धनराशि रोक दी गई है।

उन्होंने साफ कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Parvatjan Team
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