चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में मानसून से पहले ही डराने वाली तस्वीर सामने आई है। नीति-मलारी नेशनल हाईवे पर अचानक भारी भूस्खलन होने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई।
जानकारी के अनुसार नीति-मलारी नेशनल हाईवे पर इन दिनों सड़क को डबल लेन बनाने का कार्य चल रहा है। इसी दौरान पहाड़ की कटिंग के समय अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा।
भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने से हाईवे पूरी तरह बाधित हो गया।
स्थानीय लोगों ने इस खौफनाक मंजर का वीडियो भी कैमरे में कैद किया, जिसमें पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरते दिखाई दे रहे हैं। घटना के दौरान धूल और धुएं का गुबार पूरे क्षेत्र में फैल गया।
दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क टूटा
हाईवे बंद होने के कारण नीति घाटी के दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है।
सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ सेना की आवाजाही और जरूरी सामानों की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
घटना के बाद प्रशासन और बीआरओ (BRO) की टीमें मौके पर पहुंच गईं और मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया।
हालांकि पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण राहत और सड़क खोलने के कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। लोगों का कहना है कि पहाड़ों की कटिंग वैज्ञानिक तरीके से नहीं होने के कारण आए दिन भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क को जल्द से जल्द खोलने के प्रयास जारी हैं।
मानसून से पहले बढ़ी चिंता
आमतौर पर उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में ऐसी घटनाएं मानसून के दौरान भारी बारिश में देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार बिना बारिश के पहाड़ी दरकने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार पहाड़ कटान और भू-संरचना में बदलाव के कारण ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं।




