मानवता: पत्रकार बना देवदूत, खाकी बनी सहारा

चमोली /कहते हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है, और जब संवेदनशील नागरिक व पुलिस साथ खड़े हों तो हर मुश्किल आसान हो जाती है।

ऐसा ही एक मामला चमोली जिले के थराली क्षेत्र में देखने को मिला, जहां एक पत्रकार की सतर्कता और पुलिस की तत्परता ने एक मासूम बच्चे को उसके परिवार से मिलवा दिया।

10 मई 2026 की रात बुसडीपुल सिमलसैण के पास करीब 13 वर्षीय एक बालक अकेला और डरा-सहमा हालत में भटकता हुआ मिला। बच्चा अपना सही पता बताने में भी असमर्थ था।

इसी दौरान सिमलसैण निवासी पत्रकार गिरीश चन्द्र चन्दोला की नजर उस बच्चे पर पड़ी। रात के अंधेरे में बच्चे को अकेला छोड़ना खतरे से खाली नहीं था, ऐसे में उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए बच्चे को अपने घर पर सुरक्षित रखा और पूरी रात उसकी देखभाल की।
अगली सुबह पत्रकार गिरीश चन्दोला ने मामले की सूचना थाना थराली पुलिस को दी। थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पत्रकार के साथ मिलकर बच्चे के परिजनों की तलाश शुरू की। लगातार खोजबीन और सूचना तंत्र की मदद से पता चला कि बच्चा देवाल क्षेत्र का रहने वाला है।

बाद में परिजनों को थाना थराली बुलाया गया, जहां पूछताछ में सामने आया कि गांव में अन्य बच्चों से विवाद होने के बाद डर के कारण बालक घर छोड़कर चला गया था। परिजन भी लगातार उसकी तलाश कर रहे थे।

थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने बच्चे को समझाते हुए उसका डर दूर किया और माता-पिता को भी समझाइश दी कि बच्चों को प्यार और विश्वास से संभालना चाहिए, ताकि वे खुद को सुरक्षित महसूस करें।
इस पूरे घटनाक्रम में पत्रकार गिरीश चन्द्र चन्दोला की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी समाज के लिए एक मिसाल बनकर सामने आई है। वहीं चमोली पुलिस ने भी मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए बच्चे को सकुशल उसके परिवार से मिलाकर सराहनीय कार्य किया।

Parvatjan Team
Parvatjan Team
Parvatjan Team is dedicated to delivering the latest, accurate, and reliable news from Uttarakhand. We cover local issues, administrative updates, public interest stories, and breaking news in a clear and simple manner.

📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए पर्वतजन को फॉलो करें

👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें 📲 App Download करें

Related Posts