गजब: यमुनोत्री धाम में अब बाउंसर राज? आस्था की नगरी में नई व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

बड़कोट, 16 मई2026
रिपोर्ट -नीरज उत्तराखंडी
विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम में चल रही चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बीच कुली एजेंसी द्वारा चार बाउंसरों की तैनाती किए जाने से नया विवाद खड़ा हो गया है। धार्मिक और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध धाम क्षेत्र में निजी बाउंसरों की मौजूदगी को लेकर स्थानीय लोगों, मजदूरों और यात्रा व्यवसाय से जुड़े लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार जानकीचट्टी स्थित यमुनोत्री-जानकीचट्टी टोकन काउंटर के बाहर चार बाउंसरों को तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि यात्रा सीजन में घोड़ा-खच्चर संचालकों, डंडी-कंडी मजदूरों और अन्य श्रमिकों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण व्यवस्थाओं को बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यमुनोत्री धाम जैसे संवेदनशील धार्मिक क्षेत्र में पहले से ही पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों के साथ भारी पुलिस बल धाम और यात्रा मार्ग पर तैनात है। ऐसे में निजी बाउंसरों की नियुक्ति यह संकेत देती है कि कुली एजेंसी को प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा नहीं है।

यात्रा व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि बाउंसर संस्कृति का धार्मिक स्थलों में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि इससे धाम की गरिमा और पारंपरिक वातावरण प्रभावित होता है।

कुली एजेंसी ने बताया व्यवस्था बनाए रखने का उपाय

जिला पंचायत कुली एजेंसी के इंचार्ज शत्रुघ्न सिंह राणा ने बताया कि यात्रा सीजन में कई बार कुछ मजदूर रोटेशन व्यवस्था को तोड़कर जबरन यात्रियों को ले जाने का प्रयास करते हैं। इससे विवाद और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने कहा कि इसी पर नियंत्रण रखने तथा कुली एजेंसी की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए बाउंसरों की तैनाती की गई है।

मंदिर समिति और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जताई आपत्ति

यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, पूर्व सचिव सुरेश उनियाल, पूर्व पंच पड़ाव समिति अध्यक्ष मनमोहन उनियाल तथा भाजपा नेता संदीप राणा सहित कई स्थानीय लोगों ने इस निर्णय पर नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि यमुनोत्री धाम की पहचान श्रद्धा, अनुशासन और परंपराओं से है, न कि बाउंसर संस्कृति से।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर धाम क्षेत्र के पारंपरिक, शांत और धार्मिक वातावरण को बनाए रखा जाए।

प्रशासन ने लिया संज्ञान

बृजेश कुमार तिवारी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि संबंधित पक्षों से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यमुनोत्री धाम में बाउंसरों की तैनाती को लेकर शुरू हुई यह बहस अब धार्मिक गरिमा, प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय परंपराओं के संरक्षण के सवाल से जुड़ गई है। आने वाले दिनों में प्रशासन इस विषय पर क्या निर्णय लेता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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